छोटी-छोटी बात पर लेते हैं टेंशन तो जा सकती है आंखों की रोशनी, जानें स्ट्रेस और अंधेपन का आपस में संबंध

इस नयी स्टडी के अनुसार बहुत अधिक तनाव लेने से आपकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 2, 2023 2:12 PM IST

Stress can cause vision loss: तनाव या स्ट्रेस हेल्थ के लिए खराब माना जाता है। वहीं, एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि तनाव लेने से व्यक्ति अंधा भी हो सकता है। जी हां, इस नयी स्टडी के अनुसार बहुत अधिक तनाव लेने से आपकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। जर्नल एजिंग सेल ( journal Aging Cell) में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, बहुत अधिक तनाव लेने से आंखों की सेल्स (premature aging of eye cells) कमजोर होने लगती हैं और धीरे-धीरे डिजनरेशन होने लगता है। इसकी वजह से ग्लूकोमा और अंधेपन का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह से ग्लूकोमा का रिस्क (Risk Of Glaucoma) भी बढ़ता है।

तनाव से बढ़ सकती है ग्लूकोमा जैसी परेशानियां

शरीर के अन्य हिस्सों की कोशिकाओं या सेल्स की तरह ही आंखों की सेल्स भी समय के साथ पुरानी और बूढ़ी (ageing of eye cells) होती हैं। जब ये कोशिकाएं बहुत तेजी से बूढ़ी होने लगती हैं ( (degeneration of eye cells) तो इससे ग्लूकोमा का रिस्क बढ़ सकता है। रिसर्च में यह भी अनुमान लगाया गया है कि साल 2040 कर दुनियाभर में 11 करोड़ से अधिक लोगों को ग्लूकोमा की बीमारी हो सकती है।

जानकारों के अनुसार, हमेशा तनाव लेने से ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम का बैलेंस बिगड़ सकता है। इससे वैस्कुलर डिरेगुलेशन होता है और ब्रेन पर नेगेटिव प्रभाव भी पड़ता है। स्टडी के दौरान पाया गया कि,

  • तनाव की वजह से आंखों में इंट्राओकुलर प्रेशर बढ़ जाता है और इसकी वजह से एंडोथेलियल डिसफंक्शन (फ्लैमर सिंड्रोम) और आंखों के भीतर सूजन बढ़ जाती है और ये सभी स्थितियां आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं।
  • आंखों की नसों पर कॉर्टिसोल (cortisol)  नामक हार्मोन्स का भी बुरा प्रभाव पड़ता है। शरीर में कॉर्टिसोल का लेवल तनाव की वजह से ही बढ़ता है।
  • इसी तरह जब कोई व्यक्ति तनाव में हो तो उनकी आंखों के फ्लूइड में भी दबाव बन सकता है। इससे ब्लड वेसल्स में तनाव और सूखापन बढ़ सकता है।

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए करें ये काम (Tips to keep eyes healthy)

  • स्ट्रेस को कम करने के लिए (how to control stress) रोजाना 7 से 8 घंटे जरूर सोएं। पर्याप्त नींद मिलने से तनाव कम होता है और इससे आंखें स्वस्थ रहती हैं। (health benefits of sleeping for 8 hours)
  • रोजाना सुबह खुली जगह पर वॉक करें।  (ways to boost eye health)
  • हेल्दी डाइट लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। इससे बॉडी डिटॉ्क्स (body detox) करने में मदद होगी और डिहाइड्रेशन से बचा (how to prevent dehydration) जा सकता है। इस तरह तनाव भी कम होता है।
  • स्क्रिन टाइम भी आंखों की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक (screen time side effects) साबित हो सकता है। इसीलिए, बहुत देर तक कम्प्यूटर और मोबाइल देखने से बचें। काम के बीच थोड़ी-थोड़ी देर बाद ब्रेक लेते रहें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें। (benefits of exercising regularly)
  • प्रदूषण और धूल-मिट्टी वाली जगहों पर जाते समय आंखों की सुरक्षा का ख्याल रखें।
  • धूप में निकलते समय सनग्लासेस और टोपी का इस्तेमाल करें। इस तरह सूरज की हानिकारक किरणों के नुकसान से आंखों को सुरक्षित रखने में मदद हो सकती है।
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