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Stress and kidney health : किडनी यानि गुर्दे शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं जो शरीर के व्यर्थ पदार्थों और अतिरिक्त तरल को बाहर निकालने में मदद करते हैं। हालांकि बहुत ज़्यादा तनाव का बुरा असर किडनी के स्वास्थ्य पर पड़ता है। नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल के डिपार्टमेन्ट ऑफ नेफ्रोलोजी एण्ड किडनी ट्रांसप्लान्ट, डायरेक्टर डॉ. अनिल प्रसाद भट्ट का कहना है कि तनाव के कारण ब्लड प्रेशर और इन्फलामेशन की समस्या बढ़ जाती है। जिसके चलते समय के साथ किडनी खराब होने लगती है। इसलिए किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपने मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबन्धन पर ध्यान दें।
डॉ. अनिल प्रसाद भट्ट का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य एक व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लम्बे समय तक तनाव और चिंता होने से शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं जैसे ब्लड प्रेशर बढ़ना, दिल की बीमारियां, किडनी को नुकसान पहुंचना आदि। वास्तव में तनाव के कारण शरीर में स्ट्रैस हॉर्मोन बनते हैं जिनसे ब्लड प्रेशरऔर इन्फलेमेशन बढ़ता हैं। जो समय के साथ किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है जैसे अवसाद/ डिप्रेशन और चिंता। इन मानसिक समस्याओं से सीकेडी के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं, व्यक्ति ज़्यादा थकान महसूस करता है और उसके जीवन की गुणवत्ता गिर जाती है। इसलिए किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए किसी पेशेवर की मदद लें, तनाव कम करने के लिए मनन, योग को अपनाएं, काम और जीवन के बीच सही तालमेल बनाएं।
तनाव प्रबन्धन किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। लम्बे समय तक तनाव रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जो किडनी को नुकसान पहुंचने का मुख्य कारण है। इसलिए तनाव प्रबन्धन की तकनीकें अपनाएं, इससे किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना कम हो जाएगा।
मनन करने से आप अपने मन पर फोकस करते हैं, इससे आपको रिलेक्स मिलता है और तनाव कम होता है।
योग में कई तरह की शारीरिक मुद्राएं और सांस के व्यायाम होते हैं जिनसे आप रिलेक्स महसूस करते हें और तनाव कम होता है।
नियमित व्यायाम करने से तनाव कम होता है और व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार आता है।
समय प्रबन्धन ठीक से करने से आप ज़िम्मेदारियों को बेहतर तरीके से पूरा कर पाते हैं और इससे तनाव कम होता है।
परिवार और दोस्तों के साथ जुड़े रहने से तनाव कम होता है और अपने आस-पास एक सपोर्ट सिस्टम महसूस करते हैं। तनाव प्रबन्धन की तकनीकें तनाव को कम करने किडनी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में कारगर पाई गई हैं।
मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबन्धन के अलावा किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कुछ अन्य तरीके अपनाना भी ज़रूरी है। जैसे
नमक से युक्त और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थें का सेवन कम मात्रा में करें, इससे किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना कम हो जाएगी।
इससे टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में किडनी को मदद मिलेगी और किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना कम हो जाएगी।
ज्यादा ब्लड प्रेशर से किडनी को नुकसान पहुंचता है। इसलिए ब्लड प्रेशर पर नियन्त्रण रखना ज़रूरी है।
तम्बाकू, एल्कॉहल के सेवन से किडनी को नुकसान पहुंचता है। इसलिए किडनी को सुरक्षित रखने के लिए इनके सेवन से बचें।
डॉ. अनिल प्रसाद भट्ट का कहना है कि किडनी का स्वास्थ्य बनाए रखना समग्र स्वास्थ्य के लिए ज़यरी है। लम्बे समय तक तनाव का असर व्यक्ति के किडनी के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबन्धन पर ध्यान दें। इसके अलावा सेहतमंद आहार लें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, ब्लड प्रेशर पर नियन्त्रण रखें, हानिकारक पदार्थों के सेवन से बचें। इस तरह के सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर आप अपने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं। अगर आप अपनी किडनी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें।