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तनाव और ऑफिस का प्रेशर व्यस्कों को भी बना सकता है ADHD बीमारी का शिकार, जानें शुरुआती लक्षण
एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिस्ऑर्डर) एक ऐसी मानसिक बीमारी है जिसकी चपेट में अधिकतर छोटे बच्चे आते हैं। कुछ लोग ADHD को हाइपरएक्टिविटी, इम्पल्सिबिलिटी, बैठने की अक्षमता या किसी के व्यवहार में बदलाव या अनियंत्रित, फ़ोकस की कमी आदि के नाम से भी जानते हैं। जब कोई बच्चा इस रोग का शिकार होता है तो उसके व्यवहार आम बच्चों से अलग हो जाता है। आमतौर पर तो ADHD रोग बच्चों और किशोरों को ही होता है लेकिन व्यस्क भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। बड़ों में ADHD रोग के लक्षणों और बचाव के बारे में कम ही जानकारी उपलब्ध है। तनाव और ऑफिस का प्रेशर व्यस्कों को भी इस गंभीर बीमारी का शिकार बना सकता है। आज इस लेख में हम आपको व्यस्कों में ADHD रोग के लक्षण बता रहे हैं।
आपको यह पता होना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति में एडीएचडी की पहचान आमतौर पर लक्षणों के आधार पर होती है। ये लक्षण उम्र के हिसाब से बदल सकते हैं। यानि कि ADHD के जो लक्षण बच्चों में दिख रहे हैं वह जरूरी नहीं है कि व्यस्कों में भी वही दिखें। या फिर किसी 22 साल की उम्र के व्यक्ति में एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिस्ऑर्डर) के जो लक्षण हैं वह जरूरी नहीं है कि 28 साल या फिर 35 की उम्र के व्यक्ति में भी वही लक्षण दिखें। हालांकि कुछ ऐसे सामान्य लक्षण होते हैं जो ज्यादातर व्यक्तियों में समान ही दिखते हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं ये लक्षण-
जब कोई व्यक्ति एडीएचडी का शिकार होता है तो उसका मस्तिष्क उसके बोलने की तुलना में अधिक तेजी से काम करता है और नए शब्द व वाकया भी मस्तिष्क में पहले से ही अच्छी तरह से पहुंचते हैं इससे पहले कि आप उन्हें बोलें। यदि आप दूसरों की बात पूरी होने से पहले ही उन्हें बीच में टोक देते हैं, किसी बातचीत से भागने की कोशिश करते हैं या फिर किसी व्यक्ति से बातचीत करने में आपको नर्वसनेस महसूस होती है तो ये एडीएचडी की ओर इशारा करता है। इसके साथ ही आप ऐसा भी महसूस कर सकते हैं कि कोई व्यक्ति अपनी छोटी सी बात को कहने में अधिक समय ले रहा है या फिर वह उस तरह से निष्कर्ष पर नहीं आ रहा है जिस तरह आप आ सकते हैं। ये लक्षण व्यस्कों में एडीएचडी रोग की ओर इशारा करते हैं।
दिनभर काम करने के बाद थकान होना लाजमी है। लेकिन यदि आप दिनभर काम करने के बाद पूरी तरह से टूट जाते हैं तो ये ADHD का लक्षण हो सकता है। इसका कारण यह है कि एडीएचडी से ग्रसित लोगों को अपने काम पर फोकस करने के लिए एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। जिसके चलते वह जल्दी थक जाते हैं।
जब कोई व्यस्क ADHD का शिकार होता है तो उसे टाइम मैनेज करने में काफी दिक्कत हो सकती है। क्योंकि वे मूल कार्यों को करने और उन्हें उस स्थान तक पहुंचने में जितना समय लगाते हैं, बस उसे गलत मानते हैं। यह न केवल अन्य लोगों के लिए बल्कि उस व्यक्ति के लिए भी निश्चित रूप से निराशाजनक हो सकता है।
अपने काम को पूरा करने के बजाय बीच में ही छोड़ देना व्यस्कों में एडीएचडी का एक लक्षण हो सकता है। यदि आपको लगातार किसी कार्य को करने और उसे अंत तक पूरा करने में दिक्कत हो रही है तो आप ADHD की चपेट में हो सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपको अंतिम परिणाम की कल्पना करने में परेशानी हो सकती है।
चीजों का भूलना भी बड़ों में एडीएचडी का लक्षण हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनका माइंड एक समय पर एक ही चीज पर फोकस नहीं कर पाता है। बल्कि उनके दिमाग में एक ही समय पर कई चीजें चलती रहती हैं। इसलिए वह चीजों को भूल जाते हैं या सही तरह से रेस्पॉंस नहीं दे पाते हैं।