
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : February 19, 2023 10:12 AM IST
Stranger Anxiety in Kids : बच्चों अपने माता-पिता के आसपास रहकर जितना सुरक्षित महसूस करते हैं, उतना शायद किसी अन्य लोगों के साथ ही महसूस करते हों। बच्चों की यह प्रतिक्रिया सामान्य है। लेकिन कुछ बच्चे ऐसे होते हैं, जो अपने माता-पिता के अलावा दूसरे व्यक्ति की गोद में नहीं जाते हैं। उन्हें दूसरे व्यक्ति को देखकर ही डर लगने लगता है। कुछ ऐसे भी बच्चे होते हैं, जो माता-पिता के अलावा दूसरों की गोद में जाते ही रोने लगते हैं। क्या आपका बच्चा भी ऐसा ही व्यवहार करता है? क्या आपका बच्चा दूसरों की गोद में जाकर रोने लगता है? अगर हां, तो इसके पीछे की वजह को जानना बहुत ही जरूरी है। दरअसल, छोटे बच्चे यानी 18 महीने से कम उम्र के बच्चे अगर इस तरह का व्यवहार करें तो यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर 18 माह से अधिक उम्र के बच्चे इस तरह का व्यवहार करें तो यह एक चिंता का विषय है। अगर आपका बच्चा 18 माह के बाद भी दूसरों को देखकर डर जाए, रोने लगे या फिर बात न करे, तो यह स्थिति स्ट्रेंजर एंग्जाइटी ( Stranger anxiety ) हो सकती है। आज हम इस लेख में आपको स्ट्रेंजर एंग्जायटी के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं क्या है स्ट्रेंजर एंग्जायटी, इसके कारण और बचाव के उपाय?
स्ट्रेंजर एंग्जाइटी एक तरह का डिस्ट्रेस है, जिसमें बच्चों को अजनबियों के संपर्क में आने पर अनुभव होता है। सामान्य शब्दों में समझें, तो 8 माह से 2 साल तक के बच्चों को अजनबियों के साथ घुलने-मिलने में काफई असहज महसूस होता है। साथ ही वे इस उम्र में अजनबियों को देखकर असुरक्षित महसूस करते हैं और अपनी मां को ढूंढने लग जाते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में 2 साल से अधिक उम्र के बच्चों के अंदर भी इस तरह की भावना होती है। वे अपने आसपास रहने वाले लोगों के साथ को घुल-मिल जाते हैं, लेकिन अनजबियों या फिर कभी-कभार आने वाले लोगों के साथ बात-चीत करने या फिर उनके आसपास रहने में काफी ज्यादा असुरक्षित महसूस करते हैं। इसी स्थिति को स्टेंजर एंग्जायटी कहा जाता है।
कम उम्र के बच्चों में स्ट्रेंजर एंग्जायटी के कई लक्षण नजर आ सकते हैं। अगर आप उनके इन लक्षणों पर गौर करेंगे, तो समय तरह उन्हें स्ट्रेंजर एंग्जायटी से बाहर ला सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में-
स्ट्रेंजर एंग्जायटी का कारण बच्चों में दूसरे के साथ घुलने-मिलने में कमी हो सकती है। उदाहरण के लिए जो बच्चे शुरुआत में 1 से 2 व्यक्तियों के पास ही जाते हैं, उन्हें आगे चलकर भी सिर्फ कुछ ही व्यक्तियों (परिवार) से ही घुलना-मिलना अच्छा लगता है। उन्हें दूसरों के पास जाने या फिर बात करने तक से डर लगता है। इसके अलावा स्ट्रेंजर एंग्जायटी का कारण अनुवांशिक भी हो सकता है। एक्सपर्ट की मानें तो अगर 18 माह से अधिक उम्र के बच्चों में इस तरह का व्यवहार दिखे, तो उन्हें तुरंत काउंसलर के पास ले जाने की जरूरत होती है।
बच्चों में स्ट्रेंजर एंग्जायटी को कम करने के लिए सबसे पहले माता-पिता को अपने बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर आपका बच्चा अनजान व्यक्तियों से मिलने से डरता है, तो इस स्थिति में आपको उनके अंदर के डर को कम करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि वे आगे डरने से बच सकें। इसके साथ ही माता-पिता के अलावा बच्चों को अन्य लोगों से भी मिलाने की कोशिश करें। ताकि वे दूसरों से मिल सकें।
ध्यान रखें कि बच्चों में डर की भावना को विकसित न होने दें, इस तरह की भावना आगे चलकर उनके लिए घातक हो सकती है। साथ ही उनका कॉन्फिडेंट लेवल भी बिगाड़ सकती है। इसलिए उनके अंदर के डर को कम करने की कोशिश करें।