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सोशल मीडिया और मौसम जैसे अजीब कारण जो बढ़ाते हैं डिप्रेशन

कुछ कारण जिनके बारे में लोगों को बहुत जानकारी से नहीं है।

डिप्रशन एक गंभीर समस्या है और इससे पीड़ित लोगों की संख्या भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अपना पसंदीदा खाना खाने, फिल्म देखने या गाना सुनने से कम नहीं होती है। यह आपकी ब्रेन की केमिस्ट्री के बदलने के कारण होती है। यह आपकी पूरी ज़िंदगी को प्रभावित कर सकता है। डिप्रेशन के मुख्य कारणों में जेनेटिक, हार्मोनल, मेडिकल और तनाव से जुड़ी स्थितियां शामिल हैं। लेकिन वहीं कुछ और भी कारण हैं जिनके बारे में लोगों को बहुत जानकारी से नहीं है। ऐसे ही कुछ कारण हैं ये-

1) स्मोकिंग- लोग जब स्मोकिंग करते हैं, जब वह तनाव में होते हैं और लंबे समय तक स्मोकिंग करने से चिंता और अवसाद की समस्या हो सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, हालांकि निकोटिन शोर्ट टर्म में एक एंटीडिप्रेंटेंट के रूप में कार्य कर सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से स्थिति गंभीर भी हो सकती है।

2) मौसम- सर्दियों में खासकर सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि गर्मी भी आपकी मनोदशा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। सर्दियों में आप सुस्त हो जाते हैं जबकि गर्मी में आपका व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ जाता है।

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3)मैग्नीशियम की कमी- जर्नल न्यूरोफर्माकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि मैग्नीशियम की कमी हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रीनल एक्सिस के साथ गड़बड़ कर चिंता का लेवल बढ़ा सकती है, जो स्ट्रेस, मूड और इमोशन पर आपके शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करती है।

4) सोशल मीडिया- आजकल सोशल मीडिया के कारण भी चिंता और अवसाद के मामले बढ़ रहे हैं। खासकर इनस्टाग्राम ज्यादा जिम्मेदार है। यूनाइटेड किंगडम की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, इनस्टाग्राम एक 'तुलना और निराशा' जैसे स्थिति पैदा करता है। इससे लोग खुद के जीवन को दूसरे लोगों के जीवन से तुलना करने लगते हैं और चिंता करने लगते हैं।

5) विटामिन डी की कमी- अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन डी की कमी और अवसाद के बीच गहरा संबंध है। अध्ययन यह भी बताते हैं कि ठंडे प्रदेशों में रहने वाले अवसाद से अधिक पीड़ित होते हैं।

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