
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Stomach flu early symptoms: आपने फ्लू, सर्दी, खांसी और जुकाम के बारे में सुना होगा, जो कि हमारे श्वसन मार्ग और गले से जुड़े संक्रमण होते हैं। लेकिन क्या आपने स्टमक फ्लू के बारे में सुना है? यह भी एक प्रकार का इन्फेक्शन है जो पेट में होता है। मेडिकल भाषा में इसको गैस्ट्रोएंटेराइटिस कहा जाता है, जो कि एक गंभीर समस्या हो सकती है। पेट में हल्का-हल्का दर्द होना या फिर पाचन क्रिया खराब हो जाना स्टमक फ्लू का पहला लक्षण होता है और इसे अक्सर इग्नोर कर दिया जाता है। यही कारण है कि इस बीमारी का समय रहते इलाज नहीं हो पाता है और और स्थिति गंभीर होने लगती है। कुछ दुर्लभ मामलों में यह समय रहते स्टमक फ्लू का इलाज न किया जाए तो यह एक गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। स्टमक फ्लू आमतौर पर दूषित खाना खाने या पानी पीने से होता है और इसलिए यह किसी भी मौसम में हो सकता है। लेकिन देखा गया है कि सर्दी-जुकाम की तरह स्टमक फ्लू के मामले भी ज्यादातर बदलते मौसम के दौरान ही होते हैं। यदि आपको निम्न लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको इन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए (Gastroenteritis symptoms) -
पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना आमतौर पर स्टमक फ्लू का सबसे आम लक्षण माना जाता है। यह दर्द आमतौर पर छाती के ठीक निचले हिस्से में होता है। अगर आपको पेट में दर्द के साथ-साथ उसी हिस्से में ऐंठन भी महसूस हो रही है, तो यह संकेत देता है कि संक्रमण गंभीर हो चुका है। आपको इस दर्द की पहचान करनी होगी कि यह आम पेट दर्द नहीं है और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना होगा।
यदि आप सही डाइट ले रहे हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल में जी रही है, तो ऐसे में उल्टी आना या जी मिचलाना असाधारण संकेत हो सकता है। वैसे तो उल्टी आना या जी मिचलाना कई बार पाचन से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है। लेकिन अगर आपको दो दिन से ये दिक्कत हो रही है या फिर इसके साथ अन्य लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
स्टमक फ्लू के मामलों में दस्त लगने जैसी समस्याएं होना काफी आम हैं। लेकिन कई बार खराब पाचन या फिर आंतों से जुड़ी बीमारियों के कारण भी दस्त लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। दस्त किसी भी कारण से हो अगर इसका समय रहते इलाज न किया जाए तो यह डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
अगर आपको उपरोक्त लक्षणों के साथ हल्का बुखार भी महसूस हो रहा है, तो यह स्पष्ट रूप से संक्रमण का ही संकेत देता है। ऐसे में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि बुखार होना सीधा स्टमक फ्लू का ही संकेत है, लेकिन डॉक्टर जांच के बाद ही इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
गैस्ट्रोएंटेराइटिस यानी स्टमक फ्लू का जल्द से जल्द इलाज करना जरूरी है। सबसे पहले डॉक्टर लक्षणों की जांच करके और जरूरत पड़ने पर कुछ टेस्ट करके यह पता लगाते हैं कि आपको स्टमक फ्लू है या कोई और बीमारी। स्टमक फ्लू की पुष्टि होने के बाद इसका इलाज शुरू किया जाता है। स्टमक फ्लू के इलाज में दवाओं के साथ-साथ लाइफस्टाइल और डाइट में भी कुछ जरूरी बदलाव किए जाते हैं। इसके इलाज में इस्तेमाल की जा रही दवाओं में आमतौर पर एंटीबायोटिक, एंटीपायरेटिक और लक्षणों के अनुसार दी जाने वाली पेनकिलर आदि शामिल हैं।