त्वचा और बालों से जुड़ी अधिकांश समस्याओं का कारण है पेट के रोग, जानिए लक्षण और उपचार

पिंपल्स, ड्राइनेस, एक्जिमा, बाल झड़ने को आमतौर पर लोग स्किन और बालों की समस्या समझते हैं, लेकिन इसके पीछे का कारण आंत से जुड़ा है।

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Written By: Atul Modi | Updated : May 27, 2024 9:31 PM IST

हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा से यह बात कहते हैं कि इंसान की आधी बीमारियां पेट से जुड़ी हैं। यानी पेट खराब होने का सीधा मतलब है कि आपकी सेहत भी खराब है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि आंत की सेहत बिगड़ने का असर पूरे शरीर पर नजर आता है। खासतौर पर आपकी त्वचा और बालों पर। इन संकेतों के आधार पर आप यह पता लगा सकते हैं कि आपकी आंते पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं और उन्हें देखभाल की जरूरत है। क्या है आंत और त्वचा व बालों का संबंध, आइए जानते हैं।

इन लक्षणों को पहचानना है जरूरी

आंत की सेहत बिगड़ने पर आपकी स्किन व बालों पर कई लक्षण नजर आते हैं, इनमें से प्रमुख हैं, पिंपल्स, सूखापन, एक्जिमा, डैंड्रफ, बाल झड़ना, रोसैसिया आदि। दरअसल, ऐसा आंत माइक्रोबायोम के भीतर असंतुलन के कारण होता है। आंत में सूजन आने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, ऐसे में ​त्वचा और बालों पर असर दिखता है।

ऐसे रखें आंत का ध्यान

आंत का सेहतमंद रहना बेहद जरूरी है। कुछ बातों का ध्यान रखकर और अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आप आंत को सेहतमंद रख सकते हैं।

1. पौष्टिक आहार खाएं : आंत की सेहत सीधे तौर पर आहार से जुड़ी है। इसलिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें जैसे पौष्टिक भोजन आंतों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल होते हैं जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और आंतों के गुड बैक्टीरिया को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

2. प्रोबायोटिक्स का करें सेवन: आंत के लिए प्रोबायोटिक्स बहुत जरूरी हैं। दही, छाछ, किमची जैसे प्रोबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थ आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं। इनकी मदद से आंत स्वस्थ रहती हैं।

3. प्रीबायोटिक भी हैं जरूरी: आंतों के लिए जितने प्रोबायोटिक्स जरूरी हैं, उतने ही प्रीबायोटिक भी आवश्यक हैं। लहसुन, प्याज और केले जैसे खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में प्रीबायोटिक पाए जाते हैं। ये प्रोबायोटिक्स से पनपने वाले लाभकारी बैक्टीरिया के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

4. पर्याप्त पानी पिएं : पानी पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने और कब्ज को रोकने में मदद करता है। इसी के साथ आप नारियल पानी, नींबू पानी, पुदीने का पानी, ग्रीन टी आदि का सेवन भी कर सकते हैं।

5. प्रोसेस्ड फूड और मीठे से दूरी : आंतों को स्वस्थ रखना है तो कुछ पदार्थों से दूरी बनाना भी जरूरी है। प्रोसेस्ड फूड, सैचुरेटेड फैट और मीठे के ज्यादा सेवन से आंत को नुकसान पहुंचता है। यह आंतों में सूजन का कारण बनते हैं।

6. नियमित व्यायाम-योग करें: व्यायाम और योग दोनों ही पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। इसी के साथ तनाव प्रबंधन से भी आंत सेहतमंद रहती हैं। योग और मेडिटेशन दोनों इसमें मददगार हैं।

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