
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dt. Pranjal kumat
सेहत के लिहाज से छिपी हुई चीनी सेहत के लिए हानिकारक होती है।
हम सबको लगता है कि चीनी का मतलब है मिठाई, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम। "मैं तो मीठा नहीं खाता" कहने वाले लोग गर्व से ये लाइन बोल भी देते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि आप अगर दिनभर में एक भी पैकेट वाला सामान खाते हैं, तो आप चीनी खा ही रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वो आपको "मीठी" नहीं लग रही। जयपुर स्थित महात्मा गांधी अस्पताल की डाइटिशियन प्रांजल कुमत का कहना है कि आज के दौर में चीनी किसी भी पैकेज्ड प्रोडक्ट में सिर्फ स्वाद के लिए नहीं डाली जाती है। चीनी एक प्रकार का प्रिजर्वेटिव बन चुकी है, एक टेक्सचर देने वाला इंग्रेडिएंट्स है और कंपनियों के लिए सस्ता आइटम है। खास बात यह है कि नाम बदलकर चीनी लगभग हर पैकेज्ड फूड में छिप जाती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा 2023 में की गई स्टडी बताती है कि ज्यादा चीनी खाना डायबिटीज की मूल जड़ है। भारत जब डायबिटीज कैपिटल बन चुका है, तब हम आपको बताने जा रहे हैं उन 5 खाने की चीजों के बारे में जिनमें चुपके से चीनी छिपी हुई होती है।
प्रांजल कुमत कहती हैं कि बाजार में मिलने वाली मल्टीग्रेन ब्रेड, ब्राउन ब्रेड और बर्गर बन्स के पैकेट को देखकर लगता है कि इसमें फाइबर और हेल्थ का खजाना है, लेकिन एक स्लाइस ब्रेड में 1 से 2 ग्राम तक चीनी होती है। और अगर आप 2 स्लाइस + केचप + सॉस वाला सैंडविच खा रहे हैं, तो आपने नाश्ते में ही 4 चम्मच चीनी पेट में डाल ली। कंपनियां आटे में चीनी मिलाती हैं ताकि ब्रेड जल्दी फूले और उसका रंग सुनहरा आए।
फ्लेवर्ड योगर्ट का स्वाद बढ़ाने के लिए चीनी मिलाई जाती है।
अक्सर पेरेंट्स हेल्दी के नाम पर बच्चों को फ्लेवर्ड दही का छोटा कप दे देते हैं। स्ट्रॉबेरी, मैंगो, ब्लूबेरी फ्लेवर्ड वाले ग्रीक योगर्ट सुनने में हेल्दी लगते हैं। लेकिन लेबल पलट कर देखिए। 100 ग्राम फ्लेवर्ड दही में 12 से 16 ग्राम चीनी होती है। यानी एक छोटे कप में लगभग 4 चम्मच चीनी। सादा दही में ये मात्रा 4 ग्राम ही होती है।
बाजार में मिलने वाले पैकेट वाले टमाटर सूप, स्वीट कॉर्न सूप, पाव भाजी का पैकेट्स को अक्सर लोग फटाफट खाना पकाने के लिए स्टोर कर लेते हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि पैक्ड सूप और रेडी-टू-ईट सब्जियां सेहत को क्या ही नुकसान पहुंचाएंगी। लेकिन डाइटिशियन कहती हैं कि रेडी टू ईट और रेडी टू कुक वाली चीजों में स्वाद को बैलेंस करने के लिए कंपनियां इनमें चीनी डालती हैं। खासकर टमाटर और चटपटे खाने में खटास काटने के लिए अक्सर चीनी का ही इस्तेमाल किया जाता है। एक कटोरी पैक्ड सूप में 3 से 5 ग्राम चीनी आसानी से मिल जाएगी। हम सोचते हैं नमक ज्यादा है, पर असली खेल चीनी का है।
आपने सलाद लिया, ऊपर से "लो-फैट" ड्रेसिंग डाल दी। बधाई हो, आपने सलाद को डेजर्ट बना दिया। हनी-मस्टर्ड, थाउजेंड आइलैंड, बार्बेक्यू सॉस... इन सब में चीनी लिस्ट में दूसरे या तीसरे नंबर पर होती है। वहीं, बात अब केचअप की जाए तो 1 टेबलस्पून केचप = 1 चम्मच चीनी। इसलिए अगली बार सलाद की ड्रेसिंग में केचअ या कोई अन्य सॉस का इस्तेमाल करने से पहले 2 बार जरूर सोचें।
एनर्जी बार में भी कई तरह से चीनी डाली जाती है।
जिम ट्रेनर से लेकर यूट्यूब तक यही सलाह दी जाती है कि जिम में वर्कआउट के लिए एनर्जी पाना है तो एनर्जी बार खाना चाहिए। लेकिन ज्यादातर एनर्जी बार असल में कैंडी बार ही हैं। डाइटिशियन कहती हैं कि ज्यादातर एनर्जी बार को हेल्दी बनाने के लिए इनमें शहद, ब्राउन शुगर, कॉर्न सिरप, माल्टोडेक्सट्रिन भर-भर कर डाला जाता है। जिसका मतलब ये है कि एक एनर्जी बार में 10 से 15 ग्राम चीनी होती है। अगर आप चॉकलेट एनर्जी बार या ग्रेनोला पसंद करते हैं तो आपके शरीर में 20 से 30 ग्राम तक चीनी जा रही है।
हेल्थ एक्सपर्ट बताती हैं कि ज्यादातर कंपनियां अपने पैकेज्ड फूड में "Sugar" शब्द का इस्तेमाल कम ही करती हैं। वो इसके 50 से ज्यादा नाम इस्तेमाल करती हैं। पैकेट खरीदते समय इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में ये नाम ढूंढिए:
याद रखिए इंग्रेडिएंट लिस्ट में जो चीज सबसे पहले लिखी है वो सबसे ज्यादा मात्रा में है। इसलिए किसी भी चीज को खरीदने से पहले पैकेट जरूर पढ़ें। ध्यान रहे कि चीनी सेहत के लिए बहुत हानिकारक होती है। चीनी डायबिटीज जैसी लाइलाज बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी पैकेट को चुनते समय सावधानी जरूर बरतें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हर पैकेज्ड फूड में चीनी है, लेकिन हां कुछ चीजों में जरूर है। इसलिए किसी भी पैकेज्ड वाली चीज को खरीदने से पहले लेबल जरूर पढ़ें।