सोते समय मुंह से पानी गिरता है, तो हो जाएं सावधान! इन 4 गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत

Sote time muh se lar nikalne ka karan | कई लोगों के मुंह से सोते समय लार टपकने लगती है, जो कि आम स्थिति है लेकिन कई बार यह शरीर के अंदर किसी बीमारी या साइड इफेक्ट का संकेत हो सकता है, जिसके बारे में इस बारे में जानेंगे।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 17, 2025 6:14 PM IST

Causes of drooling while sleeping: कुछ लोगों के सोते समय उनके मुंह से लार या पानी निकलने लगता है, जिसे एक आम मामूली आदत समझ कर इग्नोर कर दिया जाता है। असल में यह सिर्फ एक आदत नहीं बल्कि एक तरह की कंडीशन होती है, जिसे आप बीमारी भी कह सकते हैं। सोते समय मुंह से लार टपकने की आदत को 'स्लीप सैलिवेशन' (Sleep Salivation) कहा जाता है। असल में स्लीप सैलिवेशन गहरी नींद के दौरान होता है, जब शरीर पूरी तरह से आराम की स्थिति में होता है। मुंह से लार गिरना सामान्य स्थिति हो सकती है, लेकिन यदि यह बार-बार हो, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए उचित उपचार की आवश्यकता हो सकती है। तो आइए जानते हैं उन 4 बीमारियों के बारे में जिनके कारण अक्सर मुंह से लार टपकने जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।

1. मुंह की समस्याएं (Mouth related health problems)

मुंह से लार गिरने का पहला कारण मौखिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे दांतों की समस्याएं, मसूड़ों की सूजन या मुंह में संक्रमण। यदि मुंह में किसी प्रकार की सूजन, घाव या दांतों की समस्या है तो इससे लार का उत्पादन अधिक हो सकता है, जिससे सोते समय मुंह से लार गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

2. न्यूरोलॉजिकल बीमारियां (Neurological problems)

कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, जैसे पार्किंसंस रोग, मस्तिष्काघात (स्ट्रोक) या मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS), मुंह से लार गिरने का कारण बन सकती हैं। ये बीमारियां मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती हैं, जिससे मुंह और थूथन के नियंत्रण में कमी आ जाती है। इसके कारण व्यक्ति को सोते समय लार का ज्यादा प्रवाह हो सकता है।

3. एलर्जी और नाक से समस्याएं (Allergy or nose related problems)

अगर किसी को नाक से जुड़ी समस्याएं हैं, जैसे एलर्जी, सर्दी या नासिका की अवरोध, तो यह भी मुंह से लार गिरने का कारण हो सकता है। नाक बंद होने पर लोग मुंह से सांस लेते हैं, और इससे लार का प्रवाह बढ़ सकता है। लंबे समय तक नासिका से जुड़ी समस्याएं होने पर यह आदत बन सकती है।

4. दवाइयों का प्रभाव (Effects of medicines)

कुछ दवाइयाँ, खासकर एंटिडिप्रेसेंट्स, एंटी-हिस्टामाइन और स्लीपिंग पिल्स, लार के उत्पादन को बढ़ा सकती हैं। इन दवाइयों का साइड इफेक्ट मुंह से लार गिरना हो सकता है, खासकर जब व्यक्ति गहरी नींद में होता है। ऐसे मामलों में, दवाइयों के सेवन में बदलाव करने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

डॉक्टर से परामर्श लें (Consult with doctor)

सोते समय मुंह से लार गिरना एक सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहे, तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से परामर्श लें ताकि सही उपचार किया जा सके। स्वास्थ्य की सही स्थिति बनाए रखने के लिए ताजगी और स्वच्छता का ध्यान रखें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।