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Written By: Editorial Team | Updated : January 29, 2021 12:36 PM IST
ऐसे कई लोग हमें कहीं न कहीं मिल ही जाते हैं जो आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होते है। उस वक्त आप केवल उस इंसान के आसपास होने से ही अच्छा व सकारात्मक महसूस करने लगते हैं। इन लोगों में खुशियां और दयालुता भरपूर मात्रा में होती हैं। ऐसे लोगों में एक खासियत ये भी होती है कि वो वर्तमान में जीना जानते हैं।
इस तरह के लोगों को देखकर बाकी लोग अक्सर सोचते हैं कि काश! वो भी उनकी तरह होते। इस तरह का आध्यात्मिक स्वास्थ्य पाने के लिए आपको बहुत खास या अलग चीज नहीं करनी, बल्कि सिर्फ अपने दिल की सुननी होगी। कुछ ऐसे ही उपायों के बारे में जानते हैं जिनसे आपको आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है।
खुद के साथ बनाएं अच्छा रिश्ता
वो इंसान जो आपको सबसे अच्छे तरीके से समझ सकता है वो खुद आप हैं। अगर आप किसी दूसरे शख्स से उम्मीद रखते हैं कि वो आपको पूरी तरह समझ लेगा, या आपके मन की हर बात जान लेगा तो आपको जान लेना चाहिए, ये मुमकिन बात नहीं है। आपका खुद अपने साथ सबसे अच्छा रिश्ता बन सकते हैं। कुछ तरीके जो हमेशा काम करते हैं वो हैं; किसी डायरी में रोज अपनी भावनाएं लिखना, कविताएं या कहानी लिखना, पर्सनैलिटी क्विज में हिस्सा लेना और अपने बारे में सकारात्मक रूप से बात करना।
अधिक पढ़ना
नए विषय पढ़ना, नई-नई जानकारियां हासिल करना आपके मस्तिष्क के लिए एक तरह का व्यायाम है। ये न केवल आपके मस्तिष्क को सक्रिय रखता है बल्कि आपकी समझ को भी बढ़ाता है। आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए ये बेहज जरूरी है कि आप अपने दिमाग को खोल कर रखें और हर तरह की जानकारी पर विचार करें।
मेडिटेशन
अगर आप नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं, तो निश्चित रूप से आप आध्यात्मिक रूप से काफी स्वस्थ होंगे। मेडिटेशन तनाव को कम करता है और दिमाग को शांत रखता है। मेडिटेशन करने से हमें खुद के बारे में सही-गलत का पता चलता है, यह आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। मेडिटेशन एक ऐसा तरीका है जिससे हम बाहरी दुनियां की अशांति से दूर होकर अपने मन के अंदर शांति ढूंढ सकते हैं।
डीप ब्रीदिंग
आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए तनाव से दूरी जरूरी है और तनाव से दूरी में डीप ब्रीदिंग से सहायता मिलती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कई प्रकार के तनाव से गुजरते हैं। सोते-जागते, खाते-पीते हर समय दिमाग में कोई न कोई परेशानी या तनाव चलता ही रहता है। इसके चलते सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, कमर का दर्द, मोटापा और थकान जैसी समस्याएं अक्सर हो जाती हैं। ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से दिमागी तनाव और अन्य समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
अपने अंदर की आवाज को सुनना
क्या आप अपने अंदर की आवाज को सुनते हैं? क्या आप अपने मन के कहे को मानते हैं? आपकी अंदर की आवाज आपसे क्या कह रही है क्या आप सुन पाते हैं? अगर हां, तो आप आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ इंसान है। अपने मन की आवाज सुनना ही सही फैसला है। अपने फैसले के साथ डटे रहें और ऐसा कुछ न करें जिस पर आपको पछतावा हो। जिन लोगों में आध्यात्मिक शक्ति होती है वो ही इस तरह की जिंदगी जी सकते हैं।
चित्रस्रोत: Shutterstock.