
... Read More
Written By: Anshumala | Published : October 17, 2018 7:37 AM IST
रिसर्च में किया गया दावा, वेजिटेरियन डाइट लेने वालों को होता है इस खतरनाक बीमारी का खतरा
घर में बाथरूम में नहाने के लिए गए और पांव फिसल गया। रास्ते में चल रहे हैं और अचानक पैर केले के छिलके पर पड़ने से आप धम्म से गिर जाते हैं। ऐसा कई बार होता होगा। गिरते ही हल्का दर्द भी होता है। थोड़ी देर में यह दर्द गायब भी हो जाता है या फिर कई बार हड्डी फ्रैक्चर भी हो जाती है। गिरते समय यह अक्सर पता नहीं चलता क्योंकि दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है। अक्सर लोग इसे हल्के में लेते हैं। जब दर्द तेज बढ़ता है, तो बर्दाश्त नहीं हो पाता और डॉक्टर से पता चलता है कि हड्डी टूट गई है। प्रेगनेंसी में मॉर्निंग सिकनेस को यूं करें डील
अक्सर गिरने से हड्डी फ्रैक्चर होती है, जिसमें कुछ छोटी फ्रैक्चर तो कुछ बड़े फ्रैक्चर हो जाते हैं। यदि हड्डी टूटती है, तो सबसे पहला लक्षण सूजन नजर आता है। हड्डी में मामूली सी दरार हेयर लाइन फ्रैक्चर कहलाती है। बार-बार गिरने और चोट लगने के कारण भी हड्डी टूट जाती है। उनकी हड्डी अक्सर जल्दी टूटती है जिनकी हड्डियां कमजोर या मजबूत नहीं होती हैं।
इन संकेतों से जानें हड्डी टूटी है या नहीं
सूजन आना
शरीर के किसी भी अंग की हड्डी टूट जाने पर उसमें सूजन आ जाती है। चोट लगने से फ्लूइड और खून रिस कर नरम टिशू में भर जाता है जिससे टिशू में सूजन आ जाती है। चोट लगने के बाद यदि किसी अंग में सूजन आ गई है और वह कम नहीं हो रही है तो समझ जाएं की आपकी हड्डी में फ्रैक्चर हो सकता है।
डिप्रेशन होगा दूर, जब अपनाएंगे ये आयुर्वेदिक उपचार
अंग का मुड़ना
अगर फ्रैक्चर काफी छोटा होता है तो अंग का आकार सामान्य रहता है। लेकिन जब हड्डी पूरी तरह से टूट जाती है तो उस अंग का आकार पूरी तरह विकृत हो जाता है। शरीर के किसी अंग का आकार थोड़ा या पूरी तरह से विकृति हो जाए तो संकेत बताता है कि आपकी हड्डी टूट गई है।
रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए नियमित करें कश्यपासन, होंगे कई अन्य लाभ
करकराहट की आवाज
यदि आप चलते समय पैर में करकराहट की आवाज को महसूस करते हैं तो यह आवाज आपकी हड्डी के टूटे हिस्सों की रगड़क की हो सकती है। ऐसे में चिकित्सक से परामर्श करके निश्चित कर लें की क्या आपकी हड्डी टूट गई है।
चोट का रंग बदलना
जिस अंग की हड्डी टूट जाती है उस स्थान पर केशिकाओं से दूर हो जाता है। टीशू के डैमेज होने से चोट का रंग बदल जाता है। चोट का रंग जितना बदला होता है फ्रैक्चर उतनी हा अधिक गहरी हो सकती है।