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ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं को होने वाली घातक बीमारियों में से एक है। अगर इसका समय पर पता न चल पाए तो इसका इलाज मुश्किल हो जाता है। पर इसका यह अर्थ नहीं है कि इसका इलाज हो ही नहीं सकता। बल्कि इसकी प्रारंभिक जांच तो महिलाएं खुद ही कर सकती है। पर आज भी ब्रेस्ट कैंसर के बारे में कई तरह गलत अवधारणाएं फैल गई हैं। आइए जानते हैं कि क्या है वे भ्रांतियां और क्या है उनकी सच्चाई।
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भ्रांति नंबर 1 - सिर्फ महिलाओं को ही होता है ब्रेस्ट कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर के बारे में यह सबसे ज्यादा प्रचलित भ्रामक बात है। ऐसा नहीं है कि स्तन कैंसर का खतरा सिर्फ महिलाओं को होता है। पुरुषों को भी स्तन कैंसर हो सकता है। दरअसल पुरुषों के सीने पर उभार नहीं आता है, मगर उनके शरीर में भी ब्रेस्ट टिशूज होते हैं। इसलिए पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है। हालांकि पुरुषों में स्तन कैंसर के मामले महिलाओं जितने नहीं देखे गए हैं।
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भ्रांति नंबर 2 - मां से बेटियों में आता है स्तन कैंसर
ये सच है कि कैंसर अनुवांशिक रोग है, इसलिए अगर आपके परिवार में किसी को स्तन कैंसर है, तो आपको इसका खतरा होता है। मगर ऐसा जरूरी नहीं है कि आप स्तन कैंसर का शिकार जरूर होंगी। स्तन कैंसर के मरीजों में अब तक सिर्फ 13% मामले ही ऐसे देखे गए हैं, जिनमें रोगी के किसी नजदीकी रिश्तेदार को भी स्तन कैंसर रहा हो। इसके विपरीत ऐसा भी नहीं है कि अगर आपके परिवार में किसी को भी कैंसर नहीं हुआ है, तो आपको भी स्तन कैंसर का खतरा नहीं है। स्तन कैंसर के ज्यादातर मामलों में मरीजों के घर-परिवार में पहले से कोई रोगी नहीं होता है। स्तन कैंसर का खतरा कई चीजें बढ़ाती हैं, जिनमें जीवनशैली और खान-पान प्रमुख है।
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भ्रम नंबर 3 - डियोड्रेंट लगाने से होता है स्तन कैंसर
इस बात में बिल्कुल सच्चाई नहीं है कि डियोड्रेंट लगाने से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ता है। डियोड्रेंट्स बनाने में कई तरह के केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है, जो त्वचा के लिए खतरनाक हो सकते हैं। पहले आए कुछ शोध इस बात की संभावना जताते हैं कि डियोड्रेंट्स का ज्यादा प्रयोग स्तन कैंसर को बढ़ावा देता है। मगर इस बात के वैज्ञानिक प्रमाण अब तक नहीं मिले हैं। डियो के ज्यादा प्रयोग से त्वचा की दूसरी कई समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसके प्रयोग में सावधानी बरतनी चाहिए।
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भ्रांति नंबर 4 - हेल्दी लाइफस्टाइल वालों को कभी नहीं होता कैंसर
अगर आप हेल्दी जीवनशैली अपनाती हैं, यानी अच्छी और हेल्दी चीजें खाती हैं, सिगरेट-शराब कभी नहीं पीती हैं और रेगुलर एक्सरसाइज भी करती हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको स्तन कैंसर नहीं हो सकता है। हालांकि शुरुआत से ही ऐसी आदतें अपनाने से ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को 50% तक कम किया जा सकता है।
भ्रांति नंबर 5 - स्तनों में गांठ का मतलब मुझे स्तन कैंसर है
अगर आपको अपने स्तनों को छूने में गांठ महसूस हो रही है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको स्तन कैंसर है। कई बार दूसरे कारणों से भी स्तनों में गांठ हो जाती है। स्तन कैंसर के दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान दें जैसे- किसी एक या दोनों स्तनों के आकार में बदलाव, स्तनों का रंग लाल या भूरा होना, निप्पल पर दाने, चकत्ते और खुजली होना, निप्पल से अचानक तरल पदार्थ रिसने लगना, स्तनों में अचानक दर्द शुरू हो जाना जो आसानी से ठीक न हो।