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सोशल मीडिया कुतर रहा है आपका दिमाग, इस तरह करें बचाव

अगर आप तनाव से मुक्त होने के लिए सोशल मीडिया पर जा रहे हैं, तो एक बार दोबारा सोच लीजिए, हो सकता है यहां से आप दोहरा तनाव लेकर लौटें। © Shutterstock

अगर आप तनाव से मुक्‍त होने के लिए सोशल मीडिया पर जा रहे हैं, तो एक बार दोबारा सोच लीजिए, हो सकता है यहां से आप दोहरा तनाव लेकर लौटें। इससे बचना है तो कुछ टिप्‍स फॉलो करें।

सोशल मीडिया आज के समय का एक सशक्‍त प्‍लेटफॉर्म बन गया है। लोग इस पर अपनी राय रख रहे हैं। टीवी चैनल और पत्र-पत्रिकाओं से ज्‍यादा सूचनाएं यहां मिल जाती हैं। बस इसकी यही तत्‍परता और सतत सक्रियता आपकी ब्रेन हेल्‍थ के लिए खतरनाक  (Tips to avoid social media) है। अगर आप तनाव से मुक्‍त होने के लिए सोशल मीडिया पर जा रहे हैं, तो एक बार दोबारा सोच लीजिए, हो सकता है यहां से आप दोहरा तनाव (Tips to avoid social media)  लेकर लौटें। इससे बचना है तो कुछ टिप्‍स (Tips to avoid social media) फॉलो करें। आइए जानें कैसे सोशल मीडिया आपके दिमाग को नुकसान पहुंचा रहा है और क्‍या हैं इससे बचने के उपाय।

खतरनाक है सोशल मीडिया

सोशल मीडिया (Tips to avoid social media) को हैंडल करना और उपयोग करना सर्वाधिक आसान है। इसे आप दिन-रात किसी भी समय उपयोग कर सकते हैं। किसी भी अन्‍य माध्‍यम की तुलना में सोशल मीडिया पर डाली गई सूचनाएं ज्‍यादा तेजी से संचरित होती हैं। आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाने के लिए यही तीन चीजें काफी हैं।

ईजी हैंडलिंग

उपयोग में आसान होने के कारण लोग जल्‍दी ही इसका इस्‍तेमाल (Tips to avoid social media) सीख जाते हैं और अभ्‍यास के तौर पर लगातार इसका इस्‍तेमाल करते हैं। जिससे उन्‍हें पता ही नहीं चलता कि वे कब इसके आदी हो गए। अर्थात उपयोग के साथ ही उन्‍हें सोशल मीडिया की एडिक्‍शन भी हो जाती है। जिससे ब्रेन हेल्‍थ को सर्वाधिक नुकसान पहुंचता है।

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24X7 वर्किंग

सोशल मीडिया दिन-रात जागा रहता है। जब आप देखते हैं कि आपके सर्कल के लोग जाग रहे हैं, तो आप भी उनके साथ चैट, पोस्‍ट और रिएक्‍शन्‍स में शामिल हो जाते हैं। गैजेट्स की नीली रोशनी आपके ब्रेन को यह संकेत देती हैं कि अभी सोना नहीं है। जिससे आपकी नींद प्रभावित होती है। लगातार ऐसा चलते रहने के कारण आपके दिमाग का खास हिस्‍सा प्रभावित होता है।

ब्रेकिंग का चस्‍का

सोशल मीडिया पर सबके पास अपनी-अपनी ब्रेकिंग न्‍यूज है। आप क्‍या खा रहे हैं, आपने क्‍या खरीदा, आपने क्‍या पहना, यहां डाली गई सूचनाएं सबसे ज्‍यादा तेजी से संचरित और प्रेषित होती हैं। आपकी डाली गई पोस्‍ट, फोटो, ट्वीट्स पर जो रिएक्‍शन आते हैं वे आपके ब्रेन को लगातार ऐसा दोहराने के लिए प्रेरित करते हैं। तनाव को एन्‍ज्‍वॉय करने वाला एक खास तरह का हार्मोन ब्रेन में सक्रिय हो जाता है। जो धीरे-धीरे आपको सहज नहीं रहने देता। नतीजा यह होता है कि आप असली दुनिया से ज्‍यादा वर्चुअल दुनिया को एन्‍ज्‍वॉय करने लगते हैं।

इन टिप्‍स से खुद को इस तरह बचाएं (Tips to avoid social media)

  • सोशल मीडिया की जो तीन खासियतें हैं उन्‍हीं का उपयोग करते हुए आप खुद को इसके दुष्‍प्रभावों से बचा सकते हैं। यानी ईजी हैंडलिंग को आपको थोड़ा मुश्किल कर लेना है। मोबाइल की बजाए इसे डेस्‍कटॉप पर इस्‍तेमाल करें। जिससे इसका उपयोग करने के लिए आपको डेस्‍कटॉप को खोलकर बैठना होगा।
  • चौबीस घंटे की वर्किंग को कुछ समय तक सीमित कर दें। खुद से वादा करें कि आप किसी खास समय में ही सोशल मीडिया पर आएंगे। सुबह या शाम की थोड़ी सी अवधि में। साथ ही यह भी पक्‍का करें कि बेडरूम मे ंसोशल मीडिया का कोई एक्‍सेस न हो, जिससे नींद प्रभावित नहीं होगी।
  • नो ब्रेकिंग यानी आप जो कर रहे हैं उसे एक बार फि‍र से खुद तक सीमित रखने की आदत डालें। असल दुनिया को एन्‍ज्‍वॉय करें। हर घटना, हर एक्‍शन, हर शॉपिंग की फोटो क्लिक करने और उसे सोशल मीडिया पर डालने से खुद को रोकें।

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