
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 30, 2022 9:43 PM IST
Soccer Legend Dies Of Colon Cancer: फुलबॉल के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक और दिग्गज पेले (Star footballer Pele death news) का निधन हो गया। दुनियाभर में अपने प्रशंसकों के बीच बहुत ही सम्मान के साथ याद किए जाने वाले पेले का 82 वर्ष की उम्र में गुरुवार 29 दिसंबर को निधन (Legendry footballer Pele is no more) हो गया। मशहूर खिलाड़ी पेले बीते कई वर्षों से कोलोन कैंसर से पीड़ित थे और इस बीमारी का इलाज करा रहे थे। सितंबर 2021 में पेले को कोलोन कैंसर होने का पता चला था और इस बीमार का डायग्नोसिस हुआ था। कोलोन कैंसर के उपचार के लिए पेले को कीमोथेरेपी (chemotherapy for cancer) भी कराने की सलाह दी गयी और यह थेरेपी कराने के बावजूद पेले को कोई फायदा होता नजर नहीं आया। बीते सप्ताह 22 दिसंबर को सामने आयी मेडिकल रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी कि पेले की बीमारी पहले से अधिक गम्भीर हो गयी है और कैंसर बढ़ता जा रहा है। वहीं, सप्ताहभर बाद लीजेंड्री फुटबॉलर का निधन हो गया। (Legendry footballer Pele death cause in Hindi.)
ब्राजील को 3 बार फुटबॉल वर्ल्ड कप (Football world cup) तवाने वाले एडिसन "एडसन" अरांटिस डो नैसिमेंटो केबीई (Edson Arantes do Nascimento KBE) को अपने निकनेम पेले (Pele) द्वारा ही संबोधित किए जाते थे। उन्हें बेस्ट प्लेयर ऑफ दि सेंचुरी (Best player of the century) का भी खिताब मिल चुका है। वहीं, उन्होंने अपने देश ब्राजील के स्पोर्ट मिनिस्टर के तौर पर भी काम किया। (Brazilian Footballer Pele Death cause colon cancer)
साल 2021 के सितंबर महीने में पेले का रूटीन चेकअप किया गया और इस दौरान उन्हें एक ट्यूमर (tumor) होने का पता चला। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। ट्यूमर का पता चलने के 2 महीने बाद उनका एक ऑपरेशन भी किया गया। हालांकि, सालभर बाद उन्हें कैंसर की वजह से दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। बार-बार सर्जरी और थेरेपी के कारण पेले को चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी और लम्बे समय से वे लोगों से मिलने-जुलने से भी बच रहे थे। (side effects of cancer treatments)
स्टार फुटबॉलर पेले जिस कोलोन कैंसर नामक बीमारी से पीड़ित थे वह दुनियाभर में तेजी से फैल रहा कैंसर का प्रकार है। हेल्थ एक्सर्ट्स के अनुसार, कोलोन कैंसर की गम्भीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 23 में से 1 पुरुष को इस प्रकार के कैंसर का खतरा है। वहीं, 25 में से 1 महिला को कोलोन कैंसर का रिस्क है।
कोलोन कैंसर या कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत में होने वाला कैंसर है जिसमें ट्यूमरस सेल्स की बढ़ोतरी के कारण कैंसर जैसी स्थिति बनती है। कोलोन कैंसर के कारण हर साल दुनियाभर में कई लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है।
वहीं, कई बार अनुवांशिक कारणों या परिवार में किसी के कोलोन कैंसर से पीड़ित होने जैसी स्थितियों में भी कोलोन कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है।
कैंसर के लक्षणों की अगर समय पर या जल्दी पहचान हो जाए तो इससे मरीज का जल्द इलाज शुरू हो सकता है और इस तरह जिंदा रहने के चांसेस भी बढ़ सकते हैं। वही,जानकारों के मुताबिक, कोलोन कैंसर के कुछ लक्षणों की पहचान अगर जल्द हो जाए तो इससे कैंसर के गम्भीर होने का रिस्क भी कम हो सकता है। हालांकि, एक चिंताजनक बात यह भी है कि कोलोन कैंसर की शुरूआत में कोई विशेष लक्षण ( initial symptoms of colon cancer) नहीं दिखायी देते और इसी वजह से इस बीमारी का पता लगने में अक्सर देर हो सकती है। कोलोन कैंसर के कुछ मत्वपूर्ण लक्षण ये समस्याएं हो सकती हैं।

एक्सर्ट्स के अनुसार हमारी बॉडी सेल्स में लगातार होने वाले बदलावों के कारण ट्यूमर बनता है और यही ट्यूमर कैंसर का खतरा बढ़ाता है। कोलोन में जमा होने वाले ये अतिरिक्त सेल्स ही कोलोन कैंसर की वजह हैं। इसीलिए, कोलोन कैंसर से बचने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका (ways to minimize risk of colon cancer) यही है कि, इन सेल्स को किसी भी तरह से बढ़ने से रोका जाए। लोगों की लाइस्टाइल और खान-पान से जुड़ी कई गलतियां कोलोन कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों को कैंसर का रिस्क दूसरों की तुलना में अधिक (people who at higher risk of colon cancer) होता है जैसे-
