सांप काटने के बाद क्या करना चाहिए, क्या है स्नेक बाइट का फस्ट एड ?

बरसात में कई बार लोगों के साथ सांप काटने जैसे हादसे हो जाते हैं। पीड़ित व्यक्ति को सांप के काटने के बाद तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचाना आवश्यक है। लेकिन, डॉक्टर के पास पहुंचने से पहले आपको क्या करना चाहिए, इसके बारे में पढ़ें इस लेख में-

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 27, 2020 1:26 AM IST

Snake Bite Home Remedies: बरसात के मौसम में कई जगहों पर पानी जमा होने लगता है और जल जमाव के कारण कई तरह के कीड़े ज़मीन से बाहर निकलकर पानी के साथ तैरने लगते हैं। सांप और मेंढक जैसे जानवरों के दिखने के मामले भी बहुत अधिक बढ़ जाते हैं। जिससे, कई बार लोगों को सांप काटने जैसे हादसे भी हो जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि, सांप काटने के बाद उसका जहर कुछ घंटों में पूरी बॉडी में फैल जाता है। जिससे, व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।  इसीलिए, सांप के काटने के बाद तुरंत डॉक्टर के पास पीड़ित व्यक्ति को पहुंचाना आवश्यक है। लेकिन, डॉक्टर के पास पहुंचने से पहले आपको क्या करना चाहिए, इसके बारे में पढ़ें यहां-

सांप काटने के बाद क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के अनुसार जहर को हृदय और दिमाग के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में तक पहुंचने में 3-4 घंटे का समय लगता है।  जिसके बाद धीरे-धीरे इसका असर दिखायी पड़ने लगता है। इस दौरान पीड़ित व्यक्ति को बचाने और उसे कम से कम नुकसान पहुंचने से मदद के लिहाज से आप इन घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं।

उल्टी करवाएं

यह एक पुराना नुस्खा है जो सांप काटने के बाद आज़माया जाता रहा है। पीड़ित व्यक्ति को सांप काटने के बाद सबसे पहले लगभग एक कटोरी (100 मिली) घी पिलाएं। पीड़ित व्यक्ति को उल्टी करने के लिए प्रयास करना चाहिए। अगर, 10 मिनट तक उल्टी ना हो, तो आप एक गिलास गुनगुना पानी पीने के लिए दें। इस तरीके से जहर का असर कम हो जाता है और वह शरीर से बाहर भी निकल सकता है।

लहसुन चबाएं

सांप काटने के बाद पीड़ित व्यक्ति को शहद के साथ लहसुन चबाने को दें। इसी तरह थोड़े-से लहसुन को पीस कर उस स्थान पर लगाएं जहां, सांप ने काटा हो। ऐसा माना जाता है कि यह जहर के असर को कम करने के साथ इंफेक्शन को बढ़ने से रोकता है।

अरहर की दाल

पीड़ित व्यक्ति को थोड़ी-सी अरहर की दाल खाने के लिए दें। अगर, अरहर का पेड़ आसपास हो तो, उसकी जड़ को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जिसे पीसकर पिलाया जाता है। इस तरीके से जहर का असर कम हो जाता है।