मोमबत्तियों से निकलने वाला धुआं डैमेज कर सकता है आपके फेफड़े, अस्थमा रोगी घर में बरतें ये जरूरी सावधानी

मोमबत्तियों के धुएं से दूषित वातावरण में अधिक समय बिताने से बचना चाहिए। यह दूषित वातावरण आपको माइल्ड अस्थमा का शिकार बना सकता है।

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Written By: Atul Modi | Published : September 29, 2023 9:12 PM IST

अक्सर जब घर की लाइट चली जाती है, तो हम में से ज्यादातर लोग उस समय घर में मोमबत्तियां जलाकर घर को रोशन करते हैं। इसके अलावा, घर को सजाने और त्योहारों के मौके पर भी काफी लोग घरों में मोमबत्तियां जलाते हैं। वहीं, कुछ लोग कैंडलाइड डिनर भी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कुछ लोगों के लिए इन मोमबत्तियों से निकलने वाला धुआं जानलेवा भी हो सकता है? हाल ही में किये गए आरहुस विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विभाग के एक नए अध्ययन पता चलता है कि कुछ लोगों के लिए मोमबत्तियों से निकलने वाला धुआं परेशानी का सबब बन सकता है। अध्ययन सुझाव देता है कि मोमबत्तियों के धुएं से दूषित वातावरण में अधिक समय बिताने से बचना चाहिए। यह दूषित वातावरण आपको माइल्ड अस्थमा का शिकार बना सकता है और जिन लोगों को पहले से अस्थमा है, उनकी परेशानियां बढ़ा सकता है। अध्ययन में मोमबत्तियों के अलावा, कई अन्य ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है जो घर के वातावरण को दूषित करती हैं और अस्थमा रोगियों की परेशानियां बढ़ा सकती हैं। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

मोमबत्तियों का धुआं कैसे अस्थमा को ट्रिगर कर सकता है?

अध्ययन के सह-लेखक कैरिन रोसेनकिल्डे लॉरसन की मानें, तो "जब आप घर में मोमबत्तियां जलाते हैं या खाना पकाते हैं, तो इनसे निकलने वाला धुंआ इनडोर पॉल्यूशन का कारण बनता है। इसके कारण जवां लोगों को भी असहजता, जलन और सूजन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जो माइल्ड अस्थमा का कारण बनता है। यह धुआं हमारे डीएनए को नुकसान पहुंचाने और रक्त में सूजन का भी कारण बन सकता है।" रंगीन और सुगंधित मोमबत्तियों ऐसे केमिकल का प्रयोग किया जाता है, जो वातावरण जहर की तरह घुलते हैं। इनके कारण अस्थमा अटैक भी ट्रिगर हो सकता है। अगर लंबे समय तक लगातार कोई इस तरह के इनडोर पॉल्यूशन के बीच सांस लेता रहता है, तो इसके कारण उसके रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में सूजन और अन्य समस्याएं देखने को सकती है। इसके अलावा, व्यक्ति को सीने में जकड़न, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गला खराब होने की समस्या भी हो सकती है।

अस्थमा से बचने और स्वस्थ रहने के लिए क्या करें?

सिर्फ मोमबत्तियां ही नहीं, ऐसी कई अन्य चीजें भी हैं जो घर के वातावरण को दूषित करती हैं जैसे, खाना पकाने से निकलने वाला धुआं, पेंट, गोंद, धूल, मोमबत्तियां और धूप आदि। ऐसी स्थित में आपको कोशिश करने की चाहिए घर में वेंटिलेशन बढ़ाएं, इससे प्रदूषण को घर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। कोशिश करें कि खाना पकाते समय खिड़कियां व दरवाजे खोल दें, लेकिन अगर मौसम ठीक नहीं है तो इससे बचें। घर की हवा को बाहर निकलने के लिए खिड़की पर एग्जॉस्ट फैन भी लगाएं। घर की हवा को साफ करने के लिए एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें। घर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।

आपको यह समझने की जरूरत है कि भले ही आप घर में लेटकर आराम ही क्यों न कर रहे हों, लेकिन आपको घर के भीतर भी प्रदूषण को कंट्रोल और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत होती है। घर में स्वस्थ जलवायु को प्राथमिकता देकर आप अपने फेफड़ों और हृदय के साथ-साथ कई गंभीर रोगों के जोखिम को कम कर सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि घर में प्रदूषण करने वाली सामग्रियों का प्रयोग कम से कम करें।

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