स्मार्टफोन एडिक्शन है खतरनाक! जानें कैसे पा सकते हैं इससे निजात

यह स्मार्टफोन एडिक्शन है, जिसे नोमोफोबिया भी कहते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति है, जिसे जानने की आवश्यकता है।

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Written By: Editorial Team | Updated : April 30, 2018 11:47 AM IST

अपने स्मार्टफोन पर लगातार कुछ न कुछ करते रहना, जगह-जगह फोटो लेना या व्हाट्सएप पर कहीं भी, कभी भी चैट में मसगूल रहना। आज के दौर का यह नया चलन बन गया है। लोगों को इससे बाहर निकलना होगा। एक्सपर्ट कहते हैं कि स्मार्टफोन एडिक्शन आज लोगों में कई तरह की शारीरिक समस्याओं का कारण बन रहा है। अधिकतर लोग ऐसे होते हैं, जो हर घंटे 20 से भी अधिक सेल्फी लेते हैं और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं, जो डाइनिंग टेबल पर खाते समय की तस्वीर क्लिक करके इंस्टाग्राम या स्नैपचैट पर अपलोड कर देते हैं। यह स्मार्टफोन एडिक्शन है, जिसे नोमोफोबिया (मोबाइल खोने या पास न होने की चिंता) भी कहते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति है, जिसे जानने की आवश्यकता है।

देसुसा फाउंडेशन के सह-संस्थापक डॉ. अविनाश देसोसा बताते हैं  कि पश्चिम देशों में तो इसके लिए समाधान केंद्र भी खुल गये हैं। भारत में भी ऐसे रिसॉर्ट्स हैं, जो 'गैजेट्स से डिटॉक्स' कराने का दावा करते हैं।

स्मार्टफोन से जुड़ी कुछ लत इस प्रकार हैं:

  1. चैटिंग की लत
  2. सेल्फी लेने की लत
  3. सोशल मीडिया पर घंटों रहने की लत
  4. ऑनलाइन खरीदारी की लत
  5. गैंबलिंग की लत
  6. पॉर्न देखने की लत

डॉ. अविनाश कहते हैं कि मेरे पास आने वाले 30-50 प्रतिशत मामले किशोर बच्चों के होते हैं। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल में कम प्रदर्शन की समस्या या ध्यान की समस्या की शिकायत लेकर आते हैं। 10 प्रतिशत युवा गैजेट्स की लत के शिकार हैं।

डिजिटल युग के पहले वाले लोग बनाम आज के डिजिटल युग के लोग

दरअसल, यह दो अलग-अलग जनरेशन का भी एक तरह का गैप है। हम देखते हैं कि जो लोग डिजिटल युग के पहले पैदा हुए हैं, उनमें इस जमाने में पैदा होने वाले लोगों से मोबाइल फोन या गैजेट्स की लत कम है। मैं उस जमाने में पैदा हुआ था, जब फोन की आवश्यकता नहीं थी। यही कारण है कि मेरे समय के लोगों में आजकल के लोगों की तुलना में यह लत कम पायी जाती है। इस डिजिटल दौर में हम गैजट के बिना रह लें, यह बहुत मुश्किल है। अगर हम एक बार ऐसा कर लेते हैं, तो हमें पता चलता है कि गैजेट हमारी जिंदगी का एक हिस्सा है न की हमारी जिंदगी।

गैजेट की लत से छुटकारा पाने के कुछ आसान टिप्स

  • जब आप घर पर हों, तो इसका इस्तेमाल कम से कम करें।
  • लोगों से बात करने के लिए कोशिश करें की गैजेट का इस्तेमाल न करना पड़े।
  • जिन लोगों के साथ आप रहना पसंद करते हों, उनके साथ पैदल चलें या कहीं घूमने जाएं।
  • परिवार के साथ समय ज्यादा व्यतीत करें। घर पर मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, टैब आदि का इस्तेमाल कम करें।
  • परिवार में गैजेट्स के इस्तेमाल के लिए एक खास समय निर्धारित करें। इसके लिए एक टाइम गाइड लाइन बनाएं (जैसे 11 बजे के बाद कोई फोन इस्तेमाल नहीं करेगा)।

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अनुवादक: Akhilesh Dwivedi.

चित्रस्रोत:Shutterstock.

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