
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : February 4, 2023 3:27 PM IST
Side effects of sleeping on stomach: हेल्दी रहने के लिए नींद हमारे लिए बहुत जरूरी है। दिनभर काम करने के बाद हमारे शरीर की एनर्जी पूरी तरह से खत्म हो जाती है, जिसे पूरा करने के लिए हमें रात भर नींद की जरूरत होती है। रात भर नींद लेने से मांसपेशियों और शरीर के अन्य अंगों को भी आराम मिलता है। अगर आप रोजाना सही नींद ले रहे हैं, तो इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। लेकिन कुछ स्थितियों में नींद भी आपको कुछ न कुछ नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि महिलाएं गलत तरीके से सोने से शरीर में कई खराबी हो सकती हैं। अगर आप सही पोजीशन के साथ नहीं सो रहे हैं, तो वह आपके शरीर के किसी अंग को प्रभावित कर सकती है। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ स्लीपिंग पोजीशन के बारे में बताने वाले हैं, जो आपके शरीर के किसी न किसी अंग को प्रभावित कर देती हैं।
देखा गया है कि कुछ लोगों को पेट के बल सोने की आदत होती है। महिलाओं व पुरुषों दोनों को ही पेट के बल सोने से कई अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि पेट के बल सोने से महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा समस्याएं हो सकती हैं। चलिए जानते हैं पेट के बल सोने से महिलाओं को क्या दिक्कत हो सकती हैं -
महिलाओं को हेल्दी रहने के लिए सही स्लीपिंग पोजीशन होना बहुत जरूरी है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि महिलाओं के पेट के बल सोने से छाती सिकुड़ जाती है और इसका सीधा असर आपके फेफड़ों पर भी पड़ता है। यही कारण है कि पेट के बल सोने से सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर जिन महिलाओं को पहले से ही सांस से जुड़ी समस्याएं हैं, तो खासतौर पर उन्हें पेट के बल सोने की आदत नहीं अपनानी चाहिए।
पेट के बल सोना महिलाओं की रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासतौर पर जिन महिलाओं का शारीरिक वजन बढ़ा हुआ है, उन्हें पेट के बल सोने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ने लगता है। पेट के बल सोने से रीढ़ की हड्डी का सामान्य संरेखण प्रभावित हो जाता है, जो डिस्क से जुड़ी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं कई बार पोस्चर से जुड़ी समस्याएं भी पैदा कर देती हैं।
जो महिलाएं लंबे समय से पेट के बल सो रही हैं, उनके कंधे व गर्दन के बीच की मांसपेशियों में असामान्य खिंचाव आने लगता है। साथ ही पेट के बल सोने से कंधों के जोड़ों पर भी ज्यादा दबाव पड़ता है, जिस कारण से कंधों में दर्द होने लगता है। जिन महिलाओं को पहले से ही जोड़ों में दर्द से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें पेट के बल सोने की आदत से बचना चाहिए।
पीठ के बल सोना महिलाओं के लिए सबसे सही स्लीपिंग पोजीशन मानी जीता है। खासतौर जिन महिलाओं को फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें पीठ के बल सोने की सलाह दी जाती है। यदि आपको पीठ के बल सोने की आदत नहीं है, तो आप एक करवट लेकर भी सो सकती हैं। इसके अलावा आप डॉक्टर से भी सोने की सही पोजीशन के बारे में पूछ सकते हैं।