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Written By: TheHealthSite Web Desk | Published : August 10, 2023 1:38 PM IST
Side effects of sleeping less: एक्सपर्टस का कहना है कि रात में 6-8 घंटे की नींद सोना हर किसी के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ऐसा करना हमारी हेल्द के लिए बहुत जरुरी है। वहीं, नींद की कमी ओवरऑल हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए 6-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश सभी को करनी चाहिए।अगर हम टाइम से सोते या उठते नहीं है या 6 घंटे से कम नींद लेते है तो इससे हमारे पाचनतंत्र पर असर पड़ता है , इसके कारण हमें पेट दर्द , गैस जैसी समस्याएं हो सकती है। नींद के खराब पैटर्न से पेट में हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ावा मिलता है। जिसका सीधा असर पाचन सिस्टम पर पड़ता है और हमारा पाचनतंत्र खराब हो जाता है। जिसके कारण हमे कई समसयाओं का सामना करना पड़ सकता है।
एक रिसर्च में इस बात का पता चला है (और यह पहली ऐसी रिसर्च है) जिसमें सर्केडियन रिदम को पाचन से जुड़ी समस्याओं से जोड़कर देखा गया है। रिसर्चर्स का कहना है कि, सोने और जागने के समय में 90 मिनट का अंतर भी माइक्रोबायोम को प्रभावित कर सकता है, जिससे हेल्थ पर कई तरह के नेगेटिव असर देखने को मिलते हैं।
नींद की कमी का असर हमारी हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकती है। रिसर्चर्स का कहना हैं, इसलिए हमें 6-8 घंटे की नींद ज़रुर लेनी चाहिए। हम अगर ऐसा नहीं करते है तो कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। नींद की कमी से पेट की समस्याएं ही नहीं बल्कि ये हमारी ओवलऑल हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकती है। किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस रिसर्च के अनुसार, लोगों को इस बारे में बहुत ज्यादा पता नहीं हैं कि सोने के पैटर्न किस तरह हमारे शरीर को प्रभावित कर सकता है। इस अध्ययन में पाया गया है कि पाचन से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या बहुत नुकसानदायक हो सकती है।
किंंग्स कॉलेज लंदन में प्रोफेसर और शोध के वरिष्ठ लेखक डॉ. वेंडी हॉल कहती हैं, हम जानते हैं कि नींद में डिस्टर्बेंस, जैसे कि नाइट शिफ्ट में काम करना आदि आपकी हेल्थ पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। अध्ययन से 934 लोगों के एक समूह का मूल्यांकन किया गया। उनके ब्लड, मल और आंतों के माइक्रोबायोम सैंपल के साथ-साथ रोजाना नींद के टाइम का भी आकलन किया गया। स्टडी के अंत में देखा गया कि आंत में रोगाणुओं की संरचना पाचन से लेकर मेटाबॉलिज्म तक को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है।