
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 16, 2024 10:06 AM IST
Diabetes risk in youngsters: डायबिटीज की बीमारी भारत के लोगों में जिस तेजी से फैल रही है उसने ना केवल डॉक्टर्स बल्कि, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organization) जैसी स्वास्थ्य इकाइयों को भी चिंता में डाल दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन या हू (WHO) के अनुसार भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या (Diabetes patients in India) सबसे अधिक तेजी से बढ़ रही है और फिलहाल देश में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। वहीं, आशंका जतायी जा रही है कि आनेवाले कुछ वर्षों में भारत में मधुमेह या डायबिटीज के मरीजों की संख्या और भी बढ़ सकती है।
नाइट शिफ्ट करना, देर रात तक जागनाऔर रात में खाना, ये सारी आदतें आजकल बहुत कॉमन हो गयी हैं। वहीं, मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों में ये आदतें और भी गम्भीर हैं। स्मार्ट फोन्स आने के बाद लोगों में नींद से जुड़ी आदतों (sleeping habits) में बदलाव भी आए हैं। रात में देर तक जागने और इस तरह देऱ से सोने की आदतों के कारण लोगों में डायबिटीज का रिस्क (Factors increasing the risk of diabetes) बढ़ रहा है।
कुछ दिनों पहले नीदरलैंड्स में की गयी एक स्टडी में यह बात सामने आयी कि रात में जागने के कारण टाइप-2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ सकता है। 5 हजार लोगों पर की गयी इस स्टडी में पाया गया कि,
ऐसे लोग जो देर रात तक जागते हैं या देर से सोते हैं वे सुबह देर से भी उठते हैं।देर तक जागने से इन लोगों का बायो क्लॉक बिगड़ जाता है। इससे मोटापा और टाइप-2-डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
जिन लोगों को रात में देर से सोने की आदत होती है उनका बीएमआई भी हाऊ होता है।
ऐसे लोगों में बैली फैट (habits that increases belly fat) या तोंद निकलने का रिस्क भी अधिक होता है।
जबकि, फैटी लिवर डिजिज (Fatty Liver Diseases) और आंतों में फैट जमा होने जैसी समस्याएं भी इन लोगों में अधिक दिखायी देती हैं।
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