स्लीप पैरालाइसिस क्या है, कैसे करें इससे बचाव

एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगभग 40 फीसदी लोग कभी न कभी स्लीप पैरालाइसिस की समस्यासे गुज़रते हैं। स्लीप पैरालाइसिस की स्थिति आमतौर पर टीनएज से महसूस होने लगती है। पर यह हर उम्र के लोगों को हो सकती है। कई बार यह समस्या परिवार के हर सदस्य को महसूस हो सकती है। इस लेख में पढ़ें इस समस्या के कारण और इससे बचने के उपायों के बारे में।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 6, 2020 2:21 AM IST

Sleep Paralysis: कई बार रात में अचानक से कुछ लोगो की नींद खुल जाती है। लोगों को इस वक़्त ऐसा महसूस होता है जैसे उनके आसपास कोई मौजूद है। अचानक नींद खुलने के बाद, जब वे करवट लेने की कोशिश करते हैं , तो उनके लिए हिलना भी मुश्किल हो जाता है। डर के मारे मुंह से आवाज़ नहीं निकलती और ऐसा महसूस होता है कि, जैसे किसी ने उनके शरीर को बांध दिया है। आमतौर पर लोग इसे भूत-प्रेत या डरावने सपनों की वजह से होने वाली घटना मान बैठते हैं। लेकिन, इस समस्या को  स्लीप पैरालाइसिस कहा जाता है। ( What is Sleep Paralysis in hindi)

क्यों होता है स्लीप पैरालाइसिस? (Sleep Paralysis reasons):

नींद से जुड़ी इस समस्या के कई कारण हो सकती है। जैसे, कोई पुरानी चोट या ट्रॉमा, नशीली चीजों का सेवन, बार-बार बाथरूम जाना, बुरे सपने आना। जब कोई व्यक्ति बहुत अधिक तनाव महसूस करता है, या ज़िंदगी में बहुत मुश्किल समय से गुज़र रहा है तो ऐसे में स्लीप पैरालाइसिस महसूस करने की समस्या का खतरा भी बढ़ जाता है।  एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगभग 40 फीसदी लोगों को कभी न कभी इस स्थिति से गुज़रते हैं। स्लीप पैरालाइसिस की स्थिति आमतौर पर टीनएज से महसूस होने लगती है। पर यह हर उम्र के लोगों को स्लीप पैरालाइसिस की परेशानी हो सकती है। कई बार यह समस्या परिवार के हर सदस्य को महसूस हो सकती है।

स्लीप पैरालाइसिस की समस्या से ऐसे करें बचाव (How to prevent Sleep Paralysis?)

  • इस समस्या की वजहों का पता करें। जैसे, आपको रात में किस समय और किस वजह से बार-बार नींद से जागना पड़ता है।
  • ट्रॉमा, किसी दुर्घटना या चोट की वजह से दर्द से गुज़र चुके ऐसे लोग, जिन्हें स्लीप पैरालाइसिस महसूस करने वाले लोगों को साइकोथरेपी की मदद लेनी चाहिए।
  • सोने और जागने का टाइम टेबल तय करें। रोज़ उसी समय सोएं और उसी समय जागने की भी कोशिश करें।
  • रोज़ाना 7-8 घंटें की नींद लें। पर्याप्त नींद लेने से भी कई समस्याओं से राहत मिलती है।
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