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Gestational Diabetes: प्रेगनेंसी में नींद की कमी से बढ़ता है जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा, जानें गर्भावस्था में डायबिटीज के लक्षण, कारण और बचाव
Gestational Diabetes: प्रेगनेंसी में महिलाओं को आराम की ज़रूरत होती है और नींद की भी। अच्छी नींद ना केवल तनाव और थकान से राहत दिलाती है बल्कि, यह गर्भावस्था में होने वाली डायबिटीज (Sleep and Gestational Diabetes) का रिस्क भी कम करती है। नींद ग्लूकोज़ मेटाबॉलिज्म के लिए आवश्यक है। लेकिन, जब आप ज़रूरत से अधिक या बहुत कम नींद लेते हैं तो यह प्रक्रिया प्रभावित होती है। हाल ही में आयोजित एक स्टडी में इसी सिद्धांत के आधार पर यह दावा किया गया कि गर्भावस्था में कम नींद लेने वाली महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज होने का खतरा अधिक होता है। (Sleep and Gestational Diabetes)
चीन की पेकिंग यूनिवर्सिटी (Peking University) ने लगभग 4 हजार महिलाओं के साथ एक स्टडी का आयोजम किया जो 14 सप्ताह तक की गर्भवती थीं। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में इन महिलाओं के स्लीपिंग पैटर्न का गहन अध्ययन किया गया। जिसमें पाया गया कि कम सोने वाली महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज होने की संभावना 38 फीसदी होती है। जबकि, ज़्यादा देर तक नींद लेने वाली महिलाओं में यह खतरा 31 फीसदी होता है। (Sleep and Gestational Diabetes)
एक स्टडी में पाया गया कि कम सोने वाली महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज होने की संभावना 38 फीसदी होती है।
प्रेगनेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं को कई प्रकार की समस्याए होती हैं। जिनमें, जेस्टेशनल डायबिटीज भी एक है। हाई ब्लड शुगर लेवल की वजह से जेस्टेशनल डायबिटीज वाली महिलाओं और उनके भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ ही गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के समय भी कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं।
अपनी डायट में हाई-फाइबर और लो कैलोरी-फूड्स को शामिल करें। तली-भुनी और हाई-फैट वाली चीज़ों के सेवन से बचें। पौष्टिक, मौसमी फल-सब्ज़ियां और ड्राईफ्रूट्स का सेवन करें। इससे आपका और बच्चे दोनों का पोषण होगा और ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रित रहेगा।
अगर आपका वजन ज़्यादा है तो फैमिली प्लानिंग करते समय सबसे पहले वजन को कम करें। दरअसल, मोटापा और अधिक वजन प्रेगनेंसी में डायबिटीज का खतरा बढ़ा देेता है। अधिक वजन से हाई ब्लड शुगर लेवल के अलावा और भी कई परेशानियां हो सकती हैं।
शारीरिक रुप से एक्टिव रहना, एक्सरसाइज़ और वॉक करने से डायबिटीज मैनेजमेंट में मदद होती है। इसी तरह डायबिटीज से बचाव के लिए भी फिजिकल एक्टिविटीज महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रेगनेंसी में हल्की -फुल्की एक्सरसाइज करें, घर के कामों में हाथ बंटाएं और रोज़ाना वॉक करने जाएं। इससे, आप प्रेगनेंसी में फिट और हेल्दी रह सकेंगी।