ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठने वाले सावधान, लग सकता है ऐसा रोग जो ऑपरेशन के बिना नहीं होगा ठीक

sitting on toilet for long time: टॉयलेट सीट पर जरूरत से ज्यादा देर तक बैठे रहना आपकी सेहत को कई नुकसान पहुंचा सकता है, जिनमें कई गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं। चलिए जानते हैं ज्यादा देर तक टॉयलेट सीट पर बैठने से क्या समस्याएं हो सकती हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : September 14, 2023 2:28 PM IST

Side effects of sitting too long on the toilet seat: आजकल खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड हैबिट्स के कारण ज्यादातर लोग पेट से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं और इनमें सबसे ज्यादा कब्ज से जुड़े मामले देखे जाते हैं। कब्ज की समस्याएं आजकल काफी लोगों में देखने को मिल रही है और इस कारण से लोगों को लंबे समय तक टॉयलेट में बैठना पड़ जाता है। वहीं कुछ लोगों को काफी देर तक टॉयलेट में बैठने की आदत हो जाती है, चाहे उन्हें कब्ज भी न हो। लेकिन क्या आपको पता है कि ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठे रहना आपकी सेहत को कई नुकसान पहुंचा सकता है। यहां तक कि इससे होने वाली कुछ बीमारियों का इलाज सिर्फ ऑपरेशन से ही किया जा सकता है। यदि आपको भी ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठने की आदत है, तो ये लेख आपको जरूर पढ़ना चाहिए, ताकि इससे पैदा होने वाली जटिलताओं के होने से पहले ही आप उसका कुछ इलाज कर सकें। (what happens when you sit on the toilet too long)

ज्यादा देर टॉयलेट में बैठने के नुकसान

यदि आपको भी टॉयलेट में घंटो बिताना अच्छा लगता है, तो यह आपके लिए एक अच्छी खबर नहीं है। कई अध्ययनों में पाया जा चुका है कि लंबे समय तक टॉयलेट में बैठे रहने से हेमोरॉयड यानी बवासीर की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए जिन लोगों को लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने की आदत है, उन्हें इससे होने वाले नुकसान के बारे में जरूर पता होना चाहिए।

कैसे बनाता है बवासीर का कारण

मेडिकल साइंस के अनुसार जरूरत से ज्यादा समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने से गुदा व मलाशय पर असाधारण रूप से दबाव पड़ता है, जिससे उसके अंदर की नसें व रक्त वाहिकाओं में भी खिंचाव पैदा होता है। टॉयलेट सीट पर बैठे होने के दौरान शरीर के के पिछले हिस्से में सबसे नीचे गुदा व मलाश्य होता है, ऐसे में गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण उस हिस्से की रक्त वाहिकाओं में ब्लड क्लॉट बनने लगते हैं और बवासीर होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

ऑपरेशन की आस सकती है नौबत

वैसे तो बवासीर के कई अलग-अलग तरीके से इलाज उपलब्ध हैं। आयुर्वेद से लेकर एलोपैथी में अलग-अलग तरीके से बवासीर जैसी बीमारियों का इलाज किया जाता है। लेकिन कुछ गंभीर मामलों में खासतौर पर जब बवासीर की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, उसमें सिर्फ सर्जरी ही आखिरी हथियार बच पाता है। सर्जरी की मदद से बवासीर की मदद से बनी गांठ को ही निकाल दिया जाता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा

वैसे तो बवासीर किसी भी व्यक्ति को हो सकती है और लंबे समय तक टॉयलेट में बैठना इस बीमारी के खतरे को काफी बढ़ा देता है। लेकिन यह बीमारी कई बार जेनेटिक कारकों से भी जुड़ी होती है और इसलिए खासतौर पर जिन लोगों के परिवार में पहले से ही किसी को बवासीर है या फिर पहले ये बीमारी हो चुकी है, तो उन्हें खासतौर पर अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए और जरूरत से ज्यादा टॉयलेट सीट पर नहीं बैठना चाहिए।

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