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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 22, 2018 5:53 PM IST
आजकल की लाइफ स्टाइल और कारपोरेट कल्चर के बढ़ते चलन के साथ लगातार बैठकर काम करने का प्रचलन भी बढ़ रहा है। आईटी, मीडिया और कारपोरेट हर जगह कई घंटों तक लगातार लोग बैठकर काम करते हैं। लेकिन यह हेल्थ के लिए कितना घातक हो सकता है इसके बारे में हम सब बहुत कम सोचते हैं।
हाल ही में हुए एक रिसर्च में पाया गया कि ज्यादा समय तक एक ही जगह बैठे रहने वाले लोगों को डायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। डायबिटीज की वजह से जहां इंसान का के जीवन की गुणवत्ता घटती हैं वहीं मेटाबॉलिक सिंड्रोम की वजह से इंसान को अन्य कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस रिसर्च में 2500 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया। रिसर्च में उन लोगों के दैनिक जीवन के ऊपर निगरानीे के माध्यम से यह देखा गया की दिन में कितने समय तक लगातार बैठे रहते हैं। इसमें दो तरह के लोगों को शामिल किया गया था। एक तो वो लोग थे जो लगातार 8 घंटे तक बैठे रहते थे, दूसरे वो जो आधे-आधे घंटे पर खड़े होते थे।
विश्लेषण में पाया गया कि जो लोग लगातार बैठे रहते हैं उनमे टाइप 2 डायबिटीज और मोटापा का खतरा बढ़ता जाता है। आजकल के लाइफ स्टाइल में एक अन्य रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादातर लोग 24 घंटे में बैठकर समय बिताते हैं या बैठकर काम करते हैं। दिन में बैठकर काम करने वाले तथा समय बिताने वाले लोगों का प्रतिशत 56 से 86 के मध्य है।
यह शोध नीदरलैंड के 40 से 75 वर्ष तक के लोगों के बीज किया गया। शोध में यह भी पाया गया कि बैठे रहने की तुलना में खड़े रहकर काम करने पर डायबिटीज का खतरा कम होता है।
चित्रस्रोत:Shutterstock.