
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : April 21, 2026 8:52 AM IST
Medically Verified By: Dr Yatin Arora
Image credits by: Fontan surgery
जब कोई कपल बच्चे को जन्म देता है, तो वह उनकी जिंदगी का सबसे खुशहाल पल होता है। लेकिन कभी-कभी यही खुशी अचानक चिंता में बदल जाती है, जब नवजात या छोटे बच्चे में गंभीर बीमारी के संकेत दिखने लगते हैं। ऐसा ही कनिष्का के मम्मी-पापा के साथ हुआ। जब कनिष्का का जन्म हुआ, तो उसे कई तरह की जन्मजात हृदय समस्याएं थीं। हृदय दोष की वजह से उसे अक्सर ही कुछ-न-कुछ समस्या होती रहती थी। लेकिन, कुछ दिन पहले कनिष्का (6 वर्षीय) को सांस लेने में मुश्किल होने लगी और उसका शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा, तो डॉक्टर ने फॉन्टन सर्जरी की मदद से उसकी जान बचाई।
दरअसल, हाल के दिनों में जन्मजात हृदय रोग की वजह से 6 वर्षीय कनिष्का का शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ गया था। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसके होंठ, जीभ और पूरा शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा था। ऑक्सीजन का स्तर भी 70 प्रतिशत पहुंच गया था। हालत इतने गंभीर हो गए थे कि जब एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर भी हैरान हो गए और कुछ समझ नहीं पाए। फिर डॉक्टरों की एक टीम ने इकोकार्डियोग्राफी और कार्डियक कैथेटराइजेशन जैसी जांचें की। इस स्थिति में डॉक्टरों के पास इलाज का एक ही विकल्प था- फॉन्टन सर्जरी।
इस सर्जरी में शरीर के निचले हिस्से से आने वाला रक्त सीधे फेफड़ों की धमनियों तक पहुंचाया जाता है, जिससे हृदय पर दबाव कम होता है। यह सर्जरी बच्ची के लिए आखिरी उम्मीद थी और इस जटिल प्रक्रिया के पूरे होने के बाद बच्ची को नई जिंदगी मिली। हालांकि, साल 2020 में भी बच्ची की एक बार सर्जरी की गई थी। जिसमें ऊपरी हिस्से से आने वाले रक्त को सीधे फेफड़ों की धमनियों तक पहुंचाया जाता है।
कनिष्का को सिंगल वेंट्रिकल फिजियोलॉजी रोग था। यह एक बेहद गंभीर जन्मजात हृदय दोष है, जिसमें दिल के दो वेंट्रिकल (निचले चैम्बर) की जगह सिर्फ एक वेंट्रिकल ही ठीक से काम करता है। इसकी वजह से रोगी के शरीर तक ऑक्सीजन कम मात्रा में पहुंचता है। इसके इलाज के लिए आमतौर पर 3 चरण की सर्जरी की जरूरत होती है। बच्ची को ccTGA, नॉन-रूटेबल VSD और पल्मोनरी एट्रेशिया जैसी गंभीर जन्मजात हृदय समस्याएं भी थीं।
आपके दिमाग में यह जरूरी आया होगा कि फॉन्टन सर्जरी क्या होती है? आपको बता दें कि फॉन्टन सर्जरी एक ओपन-हार्ट सर्जरी है। यह सर्जरी उन बच्चों पर की जाती है, जो सिर्फ एक कार्यशील हृदय निलय यानी single functional ventricle के साथ पैदा होते हैं। इस सर्जरी के 3 चरण होते हैं, इस सर्जरी की मदद से ऑक्सीजन रहित रक्त को सीधे फेफड़ों में भेजा जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में सुधार हो सके।
एशियन हॉस्पिटल के CTVS विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. यतीन अरोड़ा बताते हैं, "सिंगल वेंट्रिकल फिजियोलॉजी का इलाज एक बेहद जटिल प्रक्रिया है। इसके हर चरण को काफी सावधानीपूर्वक पूरा किया जाता है। कनिष्का के इलाज के लिए हमने फॉन्टल सर्जरी का सहारा लिया, जो सफल रहा और बच्ची को एक नया जीवन मिला।
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