ये 6 समस्याएं हो सकती हैं साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण, जानें कब होती है यह स्थिति घातक

जहां हार्ट अटैक की में शरीर को कई लक्षण दिखायी देते हैं। वहीं, साइलेंट हार्ट अटैक में ऐसे कोई संकेत (Silent Heart Attack symptoms ) नहीं दिखायी पड़ते, जिनसे इस स्थिति का पूर्वानुमान लग सके। इसके चलते, अक्सर पीड़ित व्यक्ति को पता नहीं चल पाता कि उसे साइलेंट हार्ट अटैक हुआ है। नतीजतन उसकी अकस्मात मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। 

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 17, 2020 7:33 PM IST

Silent Heart Attack: हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है। जिसमें, ज़रा सी देर होने से व्यक्ति की जान भी जा सकती है।  कुछ मामलों में पीड़ित व्यक्ति के शरीर में हार्ट अटैक के लक्षण दिखने के कुछ समय बाद ही पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि साइलेंट हार्ट अटैक की स्थिति इससे भी ज़्यादा गम्भीर हो सकती है। जहां हार्ट अटैक की में शरीर को कई लक्षण दिखायी देते हैं। वहीं, साइलेंट हार्ट अटैक में ऐसे कोई संकेत (Silent Heart Attack symptoms ) नहीं दिखायी पड़ते, जिनसे इस स्थिति का पूर्वानुमान लग सके। इसके चलते, अक्सर पीड़ित व्यक्ति को पता नहीं चल पाता कि उसे साइलेंट हार्ट अटैक हुआ है। नतीजतन उसकी अकस्मात मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।

कब होता है साइलेंट हार्ट अटैक?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि, साधारण हार्ट अटैक और साइलेंट हार्ट अटैक, दोनों ही स्थितियों का रिस्क बढ़ाने वाले कारक एक जैसे ही होते हैं। जैसे, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड प्रेशर, अधिक वज़न और मोटापा जैसी वजहों से साइलेंट हार्ट अटैक और साधारण हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ जाता है। इन दोनों स्थितियों में केवल एक ही अंतर है कि, साधारण हार्ट अटैक में लोगों को लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ते हैं। जबकि, साइलेंट हार्ट अटैक में पीड़ित  व्यक्ति को कई बार लक्षण समझ नहीं आते। जिसकी वजह से वह अपनी सुरक्षा के लिए सही समय पर सही कदम नहीं उठा पाता। (Silent Heart Attack causes)

साइलेंट हार्ट अटैक साधरणत: तब होता है, जब रक्त की सही मात्रा हृदय तक नहीं पहुंच पाती या हार्ट के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं रहता। ऐसे में  दिल के इस भाग में मसल्स को नुकसान होने लगता है वे नष्ट होने लगते हैं। नतीजतन धीरे-धीरे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता जाता है। साइलेंट हार्ट अटैक को एक्सपर्ट्स द्वारा एक खतरनाक स्थिति बताया जाता है। दरअसल, साइलेंट हार्ट अटैक में पीड़ित व्यक्ति को संकेत के तौर पर बहुत साधारण बदलाव दिखायी पड़ते हैं। जिसकी वजह से वह समझ नहीं पाता कि उसे हार्ट अटैक जैसी परेशानी है। लेकिन, अगर पीड़ित व्यक्ति थोड़ी सावधानी बरते तो वह समझ सकता है कि साइलेंट हार्ट अटैक होने वाला है।

क्या हैं साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण (Symptoms of Silent Heart Attack):

  • छाती में तेज दर्द:  पीड़ित व्यक्ति को साइलेंट हार्ट अटैक आने से पहले छाती के मध्यभाग में बहुत तेज़ दर्द होता है। इसमें तेज़ दर्द महसूस होता है। कई बार यह समस्या कुछ सेंकेंड्स के लिए ही रहती है। तो, कई बार यह बहुत देर तक और बार-बार होता है।
  • कंधों, गर्दन, बाजू, जबड़ों और पेट में दर्द और बहुत अधिक बेचैनी महसूस होना।
  • सांस लेने में परेशानी, बार-बार सांस उखड़ना या ठीक तरीके से सांस लेने में दिक्कत
  • चक्कर आना
  • सिर में भारीपन
  • ठंडे पसीने आना
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