
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 5, 2026 3:41 PM IST
Medically Verified By: Dr. Hemant Kalra
Silent Asthma Signs
Symptoms of Silent Asthma: जब लोग अस्थमा के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर उनके मन में सांस लेने में तकलीफ या घरघराहट जैसी आवाज आने की तस्वीर बनती है। लेकिन अस्थमा की शुरुआत हमेशा इतनी स्पष्ट नहीं होती। कई मामलों में इसके लक्षण काफी शांत, धीरे-धीरे उभरने वाले और आसानी से नजरअंदाज होने वाले होते हैं। दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर - पल्मोनोलॉजी एंड रेस्पिरेटरी मेडिसिन, डॉ. हेमंत कालरा का कहना है कि साइलेंट अस्थमा के मरीज अपनी रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य रूप से जीता रहता है, उसे यह एहसास नहीं होता कि उसके फेफड़े अंदर ही अंदर दबाव झेल रहे हैं। आइए इस लेख में समझते हैं, ऐसे कुछ लक्षण जिन्हें अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन असल में ये अस्थमा की ओर इशारा कर रहे होते हैं-
डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपकी सांसें कुछ सीढ़ियां चढ़ने, तेज चलने या घर के छोटे-मोटे काम करने पर बार-बार फूल रही हैं, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई लोग इसे थकान या फिटनेस की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसकी वजह सांस की नलियों में छिपी सूजन भी हो सकती है।
अस्थमा के हर एक मरीज को सीने में तेज दर्द नहीं होता। कुछ लोगों को सिर्फ सीने में जकड़न, भारीपन या अजीब-सी बेचैनी महसूस होती है। मुख्य रूप से ठंड के मौसम में, प्रदूषित माहौल में या शारीरिक गतिविधि के बाद ऐसा फील होताा है। यह भी अस्थमा का संकेत हो सकता है। अगर आपको बार-बार इस तरह की तकलीफ हो रही है, तो एक बार डॉक्टर से संपर्क करें।
अगर रात में बार-बार खांसी के कारण नींद खुल जाए, सोते समय बेचैनी महसूस हो या लेटने पर सांस लेने में परेशानी लगे, तो यह किसी सांस संबंधी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। अक्सर लोग इन लक्षणों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
बिना बुखार या संक्रमण के लंबे समय तक बनी रहने वाली सूखी खांसी भी अस्थमा का संकेत हो सकती है। कुछ लोगों में खांसी ही इसका एकमात्र लक्षण होती है। हंसने, दौड़ने या धूल-धुएं के संपर्क में आने पर यह और बढ़ सकती है।
Asthma Silent Signs- AI Generated
जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं मिल पाती, तो एनर्जी का स्तर गिरने लगता है। ऐसे में व्यक्ति छोटे-छोटे काम करके भी थका हुआ महसूस कर सकता है और दिनभर एक्टिव रहने में परेशानी हो सकती है।
कुछ लोग बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे सांस बीच में ही अटक रही हो या पूरी गहरी सांस नहीं ले पा रहे हों। बाहर से यह लक्षण गंभीर न दिखें, लेकिन अंदरूनी रूप से फेफड़े प्रभावित हो सकते हैं।
धूल, धुआं, तेज परफ्यूम, पालतू जानवरों के बाल, प्रदूषण या मौसम में अचानक बदलाव जैसी चीजें बार-बार खांसी या सांस लेने में तकलीफ को ट्रिगर कर सकती हैं। अगर ऐसा अक्सर हो रहा है, तो सतर्क हो जाना चाहिए।
डॉक्टर कालरा का कहना है कि साइलेंट अस्थमा अगर लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत तेज नहीं होते, इसलिए लोग डॉक्टर से सलाह लेने में देरी कर देते हैं। लेकिन बाद में यही समस्या अचानक बढ़कर गंभीर अटैक का कारण बन सकती है, जिसे संभालना मुश्किल हो सकता है।
Disclaimer : अगर ये लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर जांच और इलाज से अस्थमा को प्रभावी ढंग से कंट्रोल किया जा सकता है और भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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