बार-बार बीमार पड़ना ही नहीं, ये 7 संकेत भी बताते हैं कि आपका इम्यून सिस्टम हो सकता है कमजोर
Immunity Weak Symptoms : कमजोर इम्यूनिटी की जब भी बात होती है, तो इसे लोग बार-बार बीमार पड़ने से जोड़ लेते हैं। लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं होता है। इम्यूनिटी कमजोर होने के कई अन्य लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं-
Signs of Weak Immunity : अगर आपको लगता है कि कमजोर इम्यूनिटी का मतलब सिर्फ बार-बार सर्दी-जुकाम होना है, तो ऐसा नहीं है। शरीर कई ऐसे संकेत देता है जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. अम्बरीश कुमार गर्ग के अनुसार, कमजोर इम्यून सिस्टम का असर शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता, घाव भरने की प्रक्रिया और ऊर्जा के स्तर पर भी दिखाई दे सकता है। समय रहते इन संकेतों को पहचानना जरूरी है, ताकि किसी गंभीर समस्या का पता लगाया जा सके। आइए जानते हैं इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण क्या हैं?
1. बार-बार या लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण
अगर आपको बार-बार साइनस इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन या कोई घाव लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है और बार-बार एंटीबायोटिक लेने की जरूरत पड़ रही है, तो यह कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत हो सकता है।
2. हर समय थकान महसूस होना
पर्याप्त नींद लेने के बावजूद लगातार थकान बनी रहना भी इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। जब शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र लगातार सक्रिय रहता है, तो व्यक्ति बिना किसी स्पष्ट कारण के भी थका हुआ महसूस कर सकता है।
3. बार-बार पेट से जुड़ी समस्याएं
डॉक्टर का कहना है कि शरीर की लगभग 70 प्रतिशत प्रतिरक्षा कोशिकाएं आंतों से जुड़ी होती हैं। इसलिए बार-बार दस्त, पेट खराब रहना या पाचन संबंधी समस्याएं भी कमजोर इम्यूनिटी का संकेत हो सकती हैं।
4. बार-बार वायरल इंफेक्शन होना
अगर आपको को कोल्ड सोर, शिंगल्स या अन्य वायरल संक्रमण बार-बार हो रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर वायरस को नियंत्रित रखने में सक्षम नहीं है।
5. वैक्सीन का असर ज्यादा ना दिखे
अगर सभी जरूरी टीके लगवाने के बावजूद व्यक्ति बार-बार उन्हीं संक्रमणों का शिकार हो रहा है, तो डॉक्टर इम्यून सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि यह स्थिति कम देखने को मिलती है।
6. ऑटोइम्यून लक्षण दिखाई देना
कमजोर इम्यून सिस्टम का मतलब हमेशा कम एक्टिव प्रतिरक्षा नहीं होता। कई बार यह असंतुलित भी हो सकता है, जिसमें शरीर अपनी ही स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करने लगता है और संक्रमण से भी ठीक से रक्षा नहीं कर पाता।
7. लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं
अगर आपको लगातार मानसिक तनाव, अनियंत्रित डायबिटीज, शरीर में प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन D और विटामिन B12 की कमी या लंबे समय तक स्टेरॉयड जैसी दवाओं का सेवन भी इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है।
ऐसी स्थिति में पेरेंट्स क्या करें?
डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स लेना समाधान नहीं है। अगर आपको बार-बार संक्रमण हो रहा है, घाव देर से भर रहे हैं या लगातार थकान बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही कारण का पता लगाकर इलाज करने से कई गंभीर समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।
Disclaimer : यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की राय और उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। यदि आपको बार-बार संक्रमण हो रहा है, लगातार थकान रहती है या कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।