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Diabetes Symptoms In Women: डायबिटीज की बीमारी एक वैश्विक समस्या बन गयी है क्योंकि दुनियाभर में डायबिटीज की बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। वहीं, बात करें भारत की तो भारत को डायबिटीज (Diabetes patients in India) मरीजों की राजधानी कहा जाने लगा है। पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में डायबिटीज के मरीजों की तादाद हर साल बढती जा रही है। यही वजह है कि इस क्षेत्र के लोगों को बार-बार डायबिटीज के खतरों के बारे में आगाह किया जाता है।
मधुमेह की बीमारी का सबसे पहला और महत्वपूर्ण लक्षण है बल्ड शुगर लेवल का बढ़ना। ब्लड में ग्लूकोज ( Blood Glucose) या शुगर का स्तर बढ़ जाने से शरीर में अन्य कई समस्याएं होने लगते हैं। शुगर लेवल हाई हो जाने के बाद अलग-अलग तरह के संकेत और लक्षण भी शरीर द्वारा दिया जाता है। वहीं, कई बार ब्लड शुगर लेवल हाई होने पर महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग लक्षण (signs of high blood sugar level) दिखायी देते हैं। इस लेख में आप पढ़ें डायबिटीज के उन लक्षणों के बारे में जो केवल महिलाओं (symptoms of diabetes in women) में दिखायी देते हैं।
अलग-अलग कारणों से महिलाओं, पुरुषों और यहां तक कि यंगस्टर्स में भी डायबिटीज का रिस्क (rising risk of diabetes in younger generation) बढ़ सकता है। वहीं, एक्सपर्ट्स के अनुसार महिलाओं में पुरुषों की तुलना में डायबिटीज होने का रिस्क कुछ कारणों से अधिक होता है। इसी तरह महिलाओं में डायबिटीज का निदान भी देर से होता है। महिलाओं में डायबिटीज का रिस्क बढ़ाने वाले कुछ बड़े कारण ये हैं-
एनसीबीआई (NCBI) की एक रिपोर्ट में बताया गया कि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में डायबिटीज की समस्या से जुड़े कुछ लक्षणअलग हो सकते हैं। महिलाओं में दिखने वाले ये लक्षण कई बार गम्भीर तो कुछ लक्षण मामूली भी हो सकते हैं। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के बाद महिलाओं को बार-बार प्यास लगने, अनियंत्रित भूख और बार-बार यूरिनेशन के लिए बाथरूम जाने जैसे कॉमन लक्षण दिखायी देते हैं। इसके अलावा महिलाओं में डायबिटीज के ये 3 लक्षण प्रमुखता से दिखायी दे सकते हैं-
महिलाओं में डायबिटीज होने पर बार-बार फंगल इंफेक्शनहोने का रिस्क बढ़ सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में फंगल इंफेक्शन अधिक होता है। इस लक्षण को नजरअंदाज करने से समस्या अधिक गम्भीर हो सकती है।
एक स्टडी के अनुसार ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से हार्ट को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ सकता है। हार्टबीट बदलने और हार्ट डिजिज से जुड़े अन्य लक्षण भी दिखायी दे सकते हैं।
ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाने के बादा पैरों और हाथों की नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे पैरों में दर्द और आर्म्स में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)