Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Heart disease in pregnancy:गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का शरीर काफी कमजोर पड़ जाता है और इसलिए हमेशा डॉक्टर इस दौरान खास देखभाल करने की सलाह देते हैं। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का अगर ठीक ढंग से ध्यान न रखा जाए तो उनकी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं, जो बाद में गर्भावस्था के लिए जटिलताएं पैदा करती हैं। लेकिन बड़ी स्थितियां भी हैं, जो गर्भावस्था में सिर्फ जटिलताएं ही नहीं बल्कि मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा पैदा कर देती हैं। ऐसी ही स्थितियों में शामिल है गर्भावस्था के दौरान हार्ट से जुड़ी समस्याएं होना। दरअसल, कुछ अध्ययनों में भी यह पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं में हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और खासतौर पर जिन महिलाओं के परिवार में पहले से ही किसी को हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं उन्हें सावधान रहने की जरूरत ज्यादा है। अगर आप गर्भधारण करने जा रही हैं, तो आपको इस स्थिति से जुड़ी जानकारियां जरूर लेनी चाहिए।
ग्रभावस्था के दौरान हार्ट से जुड़ी बीमारियों होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक है इस्कीमिक हार्ट प्रॉब्लम। गर्भावस्था के दौरान ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो जाता है, जिससे हार्ट से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाने के कारण होने वाली दिल की समस्याओं को इस्किमिक हार्ट डिजीज (IHD) कहा जाता है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान ब्लड वोल्यूम बढ़ जाती है और इस कारण से भी कंजेस्टिव हार्ट फेलियर की समस्या देखी जा सकती है।
गर्भावस्था में हार्ट की विशेष रूप से देखभाल करना जरूरी है और ऐसे में यदि आपको नीचे बताए गए लक्षण महसूस होते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए -
गर्भावस्था के दौरान आमतौर पर सिर घूमने की समस्या देखी जा सकती है और ऐसा आमतौर पर हार्मोन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। हालांकि, अगर आपको बार-बार सिर घूमने की समस्या रहती है, तो यह आमतौर पर हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है और इसलिए एक बार डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।
दिल की धड़कन सामान्य से बढ़ जाने या कम हो जाने के कारण घबराहट होने लगती है। यदि किसी महिला को गर्भावस्था के दौरान बार-बार घबराहट महसूस होती है और पहले से ही उसे बीपी से जुड़ी किसी प्रकार की कोई समस्या है, तो उसे डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।
प्रेग्नेंसी के दौरान सांस लेने में दिक्कत होना या सांस फूलना आदि समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन ये हार्ट से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है और इसलिए जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओ को पेट में ज्यादा दबाव बढ़ने के कारण गैस आदि की समस्या हो जाती है, जिससे कई बार सीने में दर्द भी होने लगता है। लेकिन सीने में दर्द हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है और इसलिए जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए
खासतौर पर जिन महिलाओं को पहले से ही दिल से जुड़ी किसी प्रकार की कोई बीमारी है या फिर परिवार में पहले से कोई दिल का मरीज है, तो उन्हें खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। गर्भावस्था के दौरान हार्ट हेल्दी डाइट रखें और शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार के लक्षण का ध्यान रखें। रोजाना अपना बीपी चेक करें और अगर कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो नियमित रूप से बैड कोलेस्ट्रॉल की जांच करते रहें।