
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 23, 2023 1:18 PM IST
Mental illness: मानसिक बीमारियां भी शारीरिक बीमारियों के जितना ही गंभीर हो सकती हैं और कुछ मामलों में उनसे भी ज्यादा गंभीर भी हो सकती है। लेकिन ये शारीरिक बीमारियों से पूरी तरह से अलग होती हैं, क्योंकि इनका पता डॉक्टर कोई टेस्ट करके नहीं लगा सकते हैं। ये बीमारियां खुद मरीज को ही डॉक्टर को बतानी पड़ती है। डॉक्टर व अन्य हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अपनी मेंटल इलनेस के बारे में बात करके इसकी गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन क्या आपको पता है कि जरूरत से ज्यादा अपनी मेंटल इलनेस के बारे में बात करना और ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। यह समझना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि अपनी मेंटल कंडीशन के बारे में बात करना आपके लिए फायदेमंद है, लेकिन जरूरत से ज्यादा बात करना काफी नुकसानदायक हो सकता है। इस लेख में हम आपको अपने मेंटल हेल्थ के बारे में जरूरत से ज्यादा बात करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं और साथ ही यह भी बताएंगे कि किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर आपको लगता है कि आपको किसी प्रकार की मेंटल कंडीशन है, तो उसके बारे में बात करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। आपको कैसा महसूस हो रहा है और क्या आपके दिमाग में चल रहा है आदि के बारे में किसी व्यक्ति को बताने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। हालांकि, अगर आप इसके बारे में बहुत ज्यादा बात कर रहे हैं, तो इस से कुछ अन्य नुकसान भी हो सकते हैं। बार-बार मेंटल कंडीशन के बारे में बात करने से तनाव कम होने की बजाय उल्टा बढ़ सकता है। इसलिए जरूरत से ज्यादा अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में बात नहीं करनी चाहिए।
अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में जरूरत से ज्यादा दूसरों के आगे बताना नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही इससे अन्य लोगों पर आपका प्रभाव कम हो जाता है। ऐसा भी संभव है कि वे बार-बार आपकी बात सुनकर ऊब चुके हैं और अब इस बारे में बात करना नहीं चाहते हैं। ऐसी स्थिति आपकी सोशल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे मेंटल इलनेस के लक्षण कम होने की बजाय बढ़ सकते हैं।
अगर आप अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में बहुत ज्यादा बात करते हैं, तो आपको इस बात का ध्यान भी रखना है कि हर व्यक्ति आपको अलग सलाह देगा। कुछ लोगों की सलाह आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए आपके बार-बार एक ही चीज के बारे में बात करने से दूसरे व्यक्ति को लग सकता है कि आप गंभीर रूप से बीमार हैं और ऐसे में वे आपको कुछ गलत सलाह भी दे सकते हैं, जिसकी आपको जरूरत नहीं है।
अपनी मेंटल कंडीशन के बारे में दूसरों के आगे बताना बहुत जरूरी है। लेकिन ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है -
अगर आप अपनी मेंटल प्रॉब्लम को हर किसी के सामने शेयर कर रहे हैं, तो यह स्थिति को उल्टा बिगाड़ सकता है। ऐसा करने से आपकी मेंटल कंडीशन ज्यादा बिगड़ सकती है। इसकी बजाय आप अपने किसी खास दोस्त या करीबी से इस बारे में बात करें। आप क्या महसूस कर रहे हैं या जो भी विचार आपके दिमाग में चल रहे हैं, ये सब चीजें अपने दोस्त को बताएं।
आपको इस बात का ध्यान भी रखना है कि आपको ऐसी कोई बात बार-बार बताने की जरूरत नहीं है। बार-बार बताने से इसका प्रभाव खत्म हो सकता है। अगर आप अपनी मेंटल कंडीशन के बारे में शेयर करना चाहते हैं, तो अपने किसी सगे संबंधी या मित्र के पास जाएं और आराम से बैठकर उसे इन बातों के बारे में बताएं।