
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : September 28, 2023 5:30 PM IST
Side Effects of sharing earphones : जब एक ही हेडफोन से या फिर ईयरफोन को इस्तेमाल करते हुए हम किसी कपल्स या फिर फ्रेंड को देखते हैं, तो हमें काफी ज्यादा स्वीट सा महसूस होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्वीटनेस आपके कान पर भारी पड़ सकती है। जी हां, जब आप अपने हेडफोन, ईयरफोन, ईयरबड्स किसी और को शेयर करते हैं, तो इससे कान में संक्रमण पनपने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में हमें अपने ब्लूटूथ ईयरबड्स और हेडफोन को शेयर करते समय थोड़ा सोचने की जरूरत है। आइए जानते हैं दूसरे के साथ ईयरफोन, हेडफोन शेयर करने के क्या नुकसान हैं?
दरअसल, हमारे कान के छिद्र काफी कमजोर होते हैं, जो ईयरवैक्स से सुरक्षित रहते हैं। इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है जब बैक्टीरिया, यीस्ट और रोगाणु आंतरिक कान नहर की रक्षा के लिए इस चिपचिपे अवरोध में फंस जाते हैं।
जब आप दूसरों का इस्तेमाल किया हुआ हेडफ़ोन का उपयोग किया जाता है, तो ईयरबड में चिपका दूषित ईयरवैक्स आपके कान में चिपक जाता है। ऐसे में कान खराब होने की संभावना रहती है।
अगर आप दूसरों के साथ ईयरबड्स, हेफडोन, ईयरफोन शेयर करते हैं, तो इससे कान में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। दरअसल, कान को संंक्रमण से बचाने के लिए हमारे ईयर कैनेल में वैक्स होती है। अगर आप लंबे समय तक ईयरबड का इस्तेमाल करते हैं, तो वैक्स अधिक नम हो जाती है। वहीं, इसमें संक्रमण बढ़ने का खतरारहता है। ऐसे में जब आप इन ईयरबड का इस्तेमाल करते हैं, तो दूसरे के कान का संक्रमण आपके कान में फैल सकता है। इससे संक्रमण फैल जाता है। ऐसी स्थिति में कोशिश करें कि दूसरों द्वारा इस्तेमाल किए गए ईयरबड का प्रयोग न करें।
ईयरबड और हेडफ़ोन किसी भी सतह से बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकते हैं। जेब, पर्स और हाथ सभी बैक्टीरिया के स्रोत हैं। इतना ही नहीं, वे कान का चिपचिपा मैल भी उठाते हैं। ऐसे में जब आप किसी दूसरे को अपना हेडफोन देते हैं, तो उसके कान के नम बैक्टीरिया आपके फेडफोन पर चिपक जाता है, जिसकी वजह से आपका कान भी दूषित हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि अपना हेडफोन दूसरों को इस्तेमाल न करने दें।