
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 3, 2023 5:57 PM IST
Fire in winter: ऐसी ठंडी के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते हैं। सर्दियों में गर्म चीजें खाई जाती हैं, जो शरीर को अंदर से गर्म रखे। ऊपर से गर्म कपड़े भी पहने जाते हैं, न जानें कितनी तह हम अपने शरीर पर लगाते जाते हैं। लेकिन सर्दियों वाली ये ठंडी हवाएं कपड़ों के अंदर से भी हमारे शरीर तक पहुंच जाती है। ऐसे में लोगों को पास एकमात्र ही उपाय बचता है और वो है आग तापना। सर्दियों के मौसम में लोगों को आग तापने की आदत पड़ जाती है और खासतौर पर छुट्टी वाले दिन तो लोग पूरा-पूरा दिन आग के पास बैठकर ही निकाल देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है आग तापना जितना आपको गर्म महसूस कराता है, उतना यह आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इस लेख में हम आपको सर्दियों में ज्यादा आग तापने से शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं। (aag sekne ke nuksan)
सर्दियों में लोग अक्सर कोयले की आग सेकते हैं, जो गर्मी तो देती है लेकिन आपकी आंखों को बहुत नुकसान पहुंचाती है। दरअसल लकड़ी के जलते समय जो धुआं निकलता वह आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक होता है और इसके आंख की रोशनी भी प्रभावित हो सकती है।
सर्दियों में स्किन से जुड़ी समस्याएं होने आम बात है और अगर आपको आग सेंकने की आदत है, तो आपकी स्किन प्रॉब्लम्स डबल हो सकती हैं। दरअसल आग की गर्मी स्किन से नमी को सोख लेती है और इस कारण से स्किन से जुड़ी समस्याएं होने लगती है। खासतौर पर एक्जिमा व सोरायसिस जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को काफी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर आप अंगीठी में आग सेंकते हैं तो आपको और ज्यादा सावधान होने की जरूरत हो सकती है। आग की अंगीठी को कमरे में रखने से कमरे में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और इस कारण से सांस से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारियां हैं, उन्हें सावधान होना चाहिए।
कमरे में अंगीठी रखना जितना फायदेमंद होता है उतना ही जानलेवा भी हो सकता है। दरअसल कमरे में अंगीठी रखने से ऑक्सीजन का स्तर तो कम हो जाता है और कार्बन मोनो डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है। यह एक जहरीली गैस है, जिसका विपरीत प्रभाव हमारे खून पर भी पड़ता है। ऐसी स्थिति में शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं कम होने लगती हैं और खून से जुड़ी कई बीमारियां पैदा हो जाती हैं।