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कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रभाव के कारण ऑफिस में एक नया वर्क कल्चर देखने को मिला है। जिसे वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) नाम दिया गया। आपातकालीन स्थिति में शुरू हुआ यह कार्य व्यवहार आज कॉरपोरेट जगत में काफी तेजी से बढ़ रहा है। कुछ ऑफिस की बात करें तो वह अपने एम्प्लॉई से सारा काम घर में रह कर ही कराने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पूरे दिन लोग घर में रहकर ही ऑफिस के काम निपटाते वर्क फ्रॉम होम के कुछ फायदे हो सकते हैं। लेकिन इसके कई नुकसान भी हमें झेलने होते हैं। ऐसे काम करते समय लोगों को गलत तरीके से बैठने की आदत बन जाती है। जिसके कारण वह कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इसके अलावा घर में लोग लैपटॉप को गोद में रखकर इस्तेमाल करते हैं, जो उनकी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रहा है। यदि आप भी इस तरह की गलती कर रहे हैं, तो जानिए इसके सेहत पर पड़ने वाले पूरे प्रभाव..
गोद में रखकर लैपटॉप चलाने वाले लोग अक्सर त्वचा में जलन की शिकायत करते हैं। जिसका कारण लैपटॉप से निकलने वाली गर्म हवा हो सकती है। इस समस्या को टोस्टेड स्किल सिंड्रोम कहा जाता है। असल में लैपटॉप से निकलने वाली हीट हमारी त्वचा पर माइल्ड और ट्रांसलेट रेड ड्रेस का कारण बनती है। जिससे त्वचा की ऊपरी परत में जलन महसूस हो सकती है।
इसके साथ ही गोद में लैपटॉप रखकर इस्तेमाल करने से या गलत मुद्रा में बैठे होने से आपको कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। दरअसल लंबे समय तक रीड की हड्डी का गलत पोश्चर कमर दर्द का मुख्य कारण बन जाता है। इससे बचने के लिए आपको लैपटॉप को हमेशा डेस्क पर रखकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
गोद में रखकर लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे लोग अक्सर नपुंसकता का शिकार हो जाते हैं। जिसका कारण लैपटॉप से निकलने वाली गर्म हवा है।लैपटॉप की हिट के चरणों की संख्या प्रभावित होती है। हालांकि इस बात का अभी कोई ठोस प्रमाण नहीं है,लेकिन अत्यधिक तापमान के कारण शुक्राणु की प्रजनन क्षमता कमजोर होती है।
यदि आप रोजाना वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं तो आपको अपनी लाइफस्टाइल में को जरूरी बदलाव करने की जरूरत है। इसके लिए आपको अपनी आंखों को आराम देने के लिए हर 30-40 मिनट पर 5 मिनट का एक ब्रेक लेने की आवश्यकता है। इसके अलावा आपको हर घंटे या डेढ़ घंटे के बाद 10 मिनट के लिए टहलना जरूर चाहिए यह आपको रिफ्रेश करने में मदद करता है।