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Written By: Anshumala | Updated : September 3, 2021 6:07 PM IST
Image credits by: Siddharth Shukla Death: सिद्धार्थ शुक्ला की पर्सनालिटी थी इतनी दमदार, फिर हार्ट अटैक आने की वजह कहीं ये तो नहीं...
Siddharth Shukla Death News in Hindi: एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की मौत (Siddharth shukla Death News) से पूरी इंडस्ट्री और फैंस शोक में हैं। अब तक लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि मात्र 40 वर्ष की उम्र में ही सिद्धार्थ जैसे फिट एक्टर की मौत यूं अचानक हो जाएगी। उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक थी। रात में सिद्धार्थ को सीने में दर्द की शिकायत भी हुई थी, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया और सोने चले गए। यदि तभी इस बात पर ध्यान दिया जाता तो शायद आज सिद्धार्थ हम सभी के बीच होते। सिर्फ सिद्धार्थ शुक्ला ही नहीं, आजकल युवाओं में भी तेजी से हार्ट अटैक (Heart Attack) और हृदय रोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं। एक्सपर्ट्स की मानें, तो युवाओं में बढ़ती बेतरतीब जीवनशैली, अनहेल्दी खानपान के कारण भी दिल के रोगों के होने का खतरा बढ़ रहा है। लेकिन, सिद्धार्थ शुक्ला (Siddharth Shukla Death Cause) के केस में ऐसा नहीं था, क्योंकि वे एक बेहद ही फिट इंसान नजर आते थे।
सिद्धार्थ शुक्ला को देखकर ऐसा नहीं कहा जा सकता था कि वे तनाव, डिप्रेशन, हृदय रोग आदि से ग्रस्त थे, लेकिन उनके बारे में एक बात ये भी सामने आई है कि सिद्धार्थ को हर काम में प्रथम स्थान पर आने की ख्वाहिश रहती थी। ऐसे लोगों को पर्सनालिटी ए टाइप (Siddharth Shukla Personality A Type) का इंसान कहा जाता है। जो लोग फर्स्ट आने की ख्वाहिश रखते हैं, उन्हें हमेशा एक अलग ही जुनून, चिंता होती है कि कहीं वे पीछे ना रह जाएं। ऐसे लोगों को भी हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा रहता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, पर्सनालिटी ए टाइप होने का मतलब होता है हर चीज में फर्स्ट आने की इच्छा रखना। क्लास में फर्स्ट, स्पोर्ट्स में फर्स्ट, डांस में फर्स्ट, किसी क्विज में फर्स्ट आदि। सिद्धार्थ भी टीवी के कई रियलिटी शोज में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी लोकप्रियता को फैंस के बीच और भी ज्यादा बढ़ा ली थी। बिग बॉस सीजन 13 के विजेता रहे, खतरों के खिलाड़ी के विजेता रहे और अक्सर शहनाज गिल के साथ अपनी दोस्ती के कारण चर्चा में रहते थे। टाइप ए पर्सनालिटी वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा होता है।
हार्ट अटैक (Heart Attack) आने के बाद जब व्यक्ति की मौत तुरंत हो जाए, तो उसे सडन कार्डियक अरेस्ट (Sudden cardiac arrest) कहा जाता है। यदि एक घंटे के अंदर व्यक्ति को हॉस्पिटल ना ले जाया जाए, तो मौत हो सकती है। दिल की धमनियों में किसी भी तरह की समस्या हो, तो उसे डॉक्टर से जरूर दिखाएं। सीने में दर्द को नजरअंदाज ना करें। हार्ट डिजीज कई बार अधिक वर्कआउट, बॉडी बनाने की दवाओं के सेवन, स्मोकिंग, बेकार लाइफस्टाइल, डायबिटीज आदि से भी हो सकती है।
आईटी प्रोफेशनल्स, कॉल सेंटर आदि में काम करने वाले, नाइट शिफ्ट करने वालों में भी हार्ट डिजीज होने की संभावना बढ़ जाती है। जो लोग मल्टी नेशनल कंपनीज में काम करते हैं, उनके भी ऑफिस आवर का टाइम विदेशों की तरह होता है। ऐसे में ना तो सोने का समय सही रहता है और ना ही जागने का। इससे नींद पूरी नहीं होती है। जब लोग सोते हैं, तो ये लोग काम करते हैं। ऐसे युवा प्रोफेशनल्स सही तरीके से धूप भी नहीं ले पाते हैं। इससे शरीर में विटामिन डी की भी कमी होने लगती है। कम सोना, कम एक्सरसाइज करना, अत्यधिक वर्कआउट करना भी हृदय रोग को जन्म देते हैं।
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