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किडनी और लिवर को डैमेज कर सकता है सिकल सेल एनीमिया, जानें लक्षण महसूस होने पर क्या करना चाहिए

Sickle cell anemia एक गंभीर ब्लड डिसऑर्डर है, जो आमतौर पर जेनेटिक कारणों से होता है। इसके लक्षणों को कंट्रोल करना जरूरी होता है और अगर ऐसा न किया जाए तो लिवर व किडनी जैसे जरूरी अंग प्रभावित हो सकते हैं।

किडनी और लिवर को डैमेज कर सकता है सिकल सेल एनीमिया, जानें लक्षण महसूस होने पर क्या करना चाहिए

Written by Mukesh Sharma |Updated : February 2, 2023 1:15 PM IST

Sickle cell disease: शरीर के एक-एक अंग को सामान्य रूप से काम करने के लिए बीमारियों से दूर रहना जरूरी होता है। हर बीमारी हमारे शरीर के किसी न किसी हिस्से को प्रभावित करती है और यहां तक कि कुछ बीमारियां तो ऐसी होती हैं, जिनका इलाज करने के बाद भी उनका असर कुछ समय तक हमारे शरीर के अंग पर रहता है। लेकिन इनमें से कुछ ऐसी गंभीर बीमारियां भी होती हैं, जिनका समय रहते इलाज न किया जाए तो शरीर के कई जरूरी अंग प्रभावित हो जाते हैं। ऐसी ही एक बीमारी है सिकल सेल एनीमिया (Sickle cell anemia) जिसका समय पर इलाज करना बहुत जरूरी है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह किडनी और लिवर जैसे अंगों को नुकसान पहुंचा देती है। समय रहते इसका इलाज करने के लिए समय पर ही इसके लक्षणों की पहचान करना जरूरी है। इस लेख में हम आपको सिकल सेल एनीमिया के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में बताने वाले हैं।

सिकल सेल एनीमिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं

सिकल सेल एनीमिया का समय रहते इलाज करना बहुत जरूरी है इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान करना ही इसके इलाज का पहला कदम है। जानें सिकल सेल एनीमिया के शुरूआती लक्षण क्या हो सकते हैं -

  • हाथों और पैरों में सूजन आना
  • खून की कमी
  • बार-बार इन्फेक्शन होना
  • प्यूबर्टी आने में देरी
  • देखने से जुड़ी समस्याएं

सिकल सेल एनीमिया ज्यादातर मामलों में बचपन से ही विकसित हो जाता है और अक्सर 5 महीने के बच्चे में ही सिकल सेल एनीमिया के लक्षण दिखने लग जाते हैं।

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सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम

सिकल सेल एनीमिया एक जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है और इसलिए इसकी रोकथाम करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखकर इसके लक्षणों को कंट्रोल रखा जा सकता है -

1. डाइट को हेल्दी रखें

सिकल सेल एनीमिया के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए खूब मात्रा में अलग-अलग रंग वाले फल व सब्जियों का सेवन करें। साथ ही अपनी डाइट में प्रोटीन फूड्स जैसे अंडे, मछली, चिकन और ड्राई फ्रूट्स आदि का सेवन करना भी जरूरी है।

2. जरूरी सप्लीमेंट्स लें

सिकल सेल एनीमिया के मरीजों को अपने डॉक्टर के साथ बात करके जरूरी सप्लीमेंट्ल लेना शुरू कर देना चाहिए। वैसे तो आप डाइट के माध्यम से भी जरूरी पोषक तत्व ले सकते हैं, लेकिन शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए कुछ जरूरी सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देना चाहिए।

3. खूब पानी पीएं

सिकल सेल एनीमिया से ग्रस्त लोगो को रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी के जरूर पीने चाहिए। शरीर में पानी की पूर्ति रखकर भी सिकल सेल एनीमिया के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

4. शरीर को एक्टिव रखें

शरीर को एक्टिव रखना भी सिकल सेल एनीमिया के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। अपने डॉक्टर से बात करें जो आपको बताएंगे कि कौन से एक्टिविटी करके सिकल सेल एनीमिया के लक्षणों को कंट्रोल रखा जा सकता है।

5. धूम्रपान न करें

सिकल सेल एनीमिया के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए स्मोकिंग छोड़ना बहुत जरूरी है। धूम्रपान करने से सिकल सेल एनीमिया के लक्षण और ज्यादा बढ़ सकते हैं और इसलिए इन्हें कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।

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सिकल सेल एनीमिया का इलाज

यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है और इसलिए इसका इलाज करने के लिए ज्यादा तरीके उपलब्ध नहीं है। हालांकि, वर्तमान में बोन मेरो ट्रांसप्लांट ही सिकल सेल एनीमिया का इलाज करने का एकमात्र तरीका है। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रीटमेंट, थेरेपी व दवाएं आदि हैं, जिनकी मदद से सिकल सेल एनीमिया के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इस बीमारी को कंट्रोल करना जरूरी है और अगर इसे समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो यह किडनी और लिवर जैसे शरीर के जरूरी अंगों को प्रभावित कर सकती हैं।