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जुकाम होने पर क्या सच में दवा खानी चाहिए या उसके अपने आप ठीक होने का इंतजार करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

क्या जुकाम होने के बाद दवाएं लेना सही है? और आखिर क्यों कई बार दवाएं काम नहीं कर पाती हैं? अगर आपके भी इस तरह के सवाल हैं, तो इस लेख में सीनियर हेल्थ एक्सपर्ट आपको कुछ बेहद जरूरी जरूरी जानकारियां देने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : August 3, 2026 2:22 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Rajinder Kumar Singal

बरसात का मौसम हर किसी को पसंद होता है, क्योंकि यह मौसम महीनों की गर्मियां झेलने के बाद आता है। लेकिन मौसम होने वाला अचानक बदलाव कई बार बीमारी भी बना देता है। कुछ लोग तो यह भी सोच लेते हैं, बारिश का मजा ले लेते हैं बीमार पड़ गए तो दवा खा लेंगे। बदलते मौसम के साथ अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (URTI) यानी सामान्य जुकाम होना एक आम स्वास्थ्य समस्या है। बंद नाक, गले में खराश और छींकें आते ही लोग अक्सर तुरंत ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाएं या एंटीबायोटिक्स लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या जुकाम में दवा लेना वास्तव में आवश्यक है या शरीर की अपनी रिकवरी प्रक्रिया का इंतजार करना चाहिए? बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. राजेंद्र कुमार सिंघल से जानिए इसके पीछे का सही मेडिकल दृष्टिकोण क्या है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

दुनिया में कोई भी हेल्थ एक्सपर्ट किसी भी व्यक्ति को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेने के की सलाह नहीं देता है। ऐसे में अगर बात आम सर्दी-जुकाम की आती है, तो एक या दो दिन इंतजार किया जा सकता है। अगर एक या दो दिन में भी आराम नहीं होता है और लक्षण उल्टी गंभीर होने लगती है, तो मेडिकल गाइडलाइन्स कुछ इस प्रकार हो सकती हैं -

  • सिस्टमैटिक मैनेजमेंट - अत्यधिक सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह से माइल्ड एनाल्जेसिक (जैसे पेरासिटामोल) ली जा सकती है।
  • नेजल डिकंजेस्टेन्ट - बंद नाक के लिए सलाइन नेजल ड्रॉप्स सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकते हैं। बिना डॉक्टर की पर्ची से मिल जाने वाली डीकन्जेस्टेंट स्प्रे का इस्तेमाल 3-5 दिनों से अधिक न करें, क्योंकि ऐसा करने से रिबाउंड कंजेशन की समस्या हो सकती है।
  • हाइड्रेशन और रेस्ट - पर्याप्त मात्रा में गुनगुना तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए जिससे, बलगम पतला होता है और नाक बंद होने जैसी समस्याएं नहीं होती हैं।

कई बार जुकाम की दवा काम क्यों नहीं करती?

जुकाम दरअसल एक लक्षण की तरह होता है और उसकी पीछे की समस्या अलग होती है। सरल भाषा में कहें तो नाक बंद होने और बलगम बनने जैसे जुकाम से जुड़े लक्षणों के पीछे कई बार कोई और कारण हो सकता है जैसे वायरल इन्फेक्शन आदि। हालांकि, कई बार किसी एलर्जिक रिएक्शन के कारण भी जुकाम जैसे लक्षण देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में कई बार जुकाम की दवाएं असर न कर पाने के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं -

  • वायरल इंफेक्शन - सामान्य जुकाम 200 से भी अधिक प्रकार के वायरस के कारण हो सकता है, जिनमें राइनोवायरस सबसे प्रमुख, जो लगभग 30%-50% मामलों का कारण होता है।
  • एंटीबायोटिक्स की उपयोगिता - एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरियल संक्रमण पर काम करती है, वायरस पर नहीं। कुछ लोग जुकाम होने पर एंटीबायोटिक लेने लग जाते हैं और इस कारण से एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं कर पाती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जुकाम में या फिर अनावश्यक रूप से एंटीबायोटिक लेने से शरीर में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) पैदा हो सकता है। इसके कारण भविष्य में एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो जाता है और गंभीर बीमारियों का इलाज करने में मुश्किल हो सकती है।

खुद ठीक होने में कितना समय लगता है?

एक स्वस्थ वयस्क का इम्यून सिस्टम जुकाम के वायरस को बेअसर करने में 7 से 10 दिन का समय लेता है। इसलिए, जुकाम को ठीक करने के लिए किसी एंटीवायरल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, लक्षणों की गंभीरता को कम करने और लक्षणों से राहत पाने के लिए अन्य देखभाल की जा सकती है।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

यह सच है कि जुकाम अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको बेफिक्र हो जाना है। जुकाम के दौरान अगर आपको कोई ऐसा लक्षण दिखे जो चिंता का विषय हो सकता है, तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है जैसे -

  • 101°F से अधिक बुखार जो 3 दिनों से लगातार बना रहे
  • सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना
  • छाती में घरघराहट होना या सीटी जैसी आवाज आना
  • जुकाम के हल्के लक्षण भी 10 से ज्यादा दिन तक रहना

जुकाम अक्सर वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है और शरीर उसे अपने आप ठीक करता है, जिसके लिए सही देखभाल, पर्याप्त आराम और हाइड्रेशन की जरूरत होती है। दवाओं की मदद से लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन यह बीमारी को जल्दी ठीक करने का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए आपको दवाओं का अधिक इस्तेमाल करने की बजाय शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

डिसक्लेमर: जुकाम कोई गंभीर बीमारी नहीं है और ज्यादातर मामलों में अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, अगर आपको लक्षण कई दिनों से बने हुए हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक है। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।