क्या सच में पीरियड्स के दौरान बाल नहीं धोने चाहिए? जानें माहवारी से जुड़े ऐसे ही 5 मिथकों की सच्चाई

क्या आप भी पीरियड्स से जुड़े हुए कुछ मिथकों पर भरोसा करते हैं? अगर हां, तो पहले इनकी सच्चाई जान लें। क्योंकि इनमें से कई मिथ ऐसे हैं, जिन पर बिल्कुल भरोसा नहीं करना चाहिए।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 4, 2026 8:59 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Archana Dhawan Bajaj

Periods Related Myths: क्या आपकी मम्मी या दादी भी पीरियड्स में सिर धोने से मना करती हैं? क्या आपको भी कहा गया है कि पीरियड्स में खट्टा खाने से पेट दर्द हो सकता है? हमारे समाज में पीरियड्स को लेकर कई तरह के पुराने मिथक और धारणाएं फैली हुई हैं। दरअसल, पुराने समय में महिलाओं को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है, इसलिए पीरियड्स के दिनों में कुछ ऐसे नियम बनाए गए जिससे महिलाओं को आराम मिल सके। लेकिन, ये नियम धीरे-धीरे अंधविश्वास बन गए और लोगों में ये मिथक आज भी हैं। इन मिथकों की सच्चाई जानना बहुत जरूरी है। आइए, नर्चर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज से जानते हैं कि पीरियड्स से जुड़े मिथकों की सच्चाई-

मिथक 1: पीरियड्स के दौरान बाल नहीं धोने चाहिए।

सच्चाई: यह पूरी तरह से एक मिथक है। पुराने समय में महिलाएं नदियों, तालाबों या खुले कुओं पर नहाने जाती थीं, जहां पानी बहुत ठंडा होता था। ठंडे पानी से नहाने पर शरीर का तापमान अचानक गिर जाता है, जिससे कभी-कभी मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ सकती थी।

अगर साइंटिफिक कारण देखा जाए, तो पीरियड्स के दौरान बाल धोने या नहाने से मासिक धर्म चक्र, ब्लीडिंग या गर्भाशय की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। हालांकि, आपको इस दौरान गुनगुने पानी से नहाना और सिर धोना चाहिए। इससे पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से राहत मिलती है। इसलिए, हाइजीन बनाए रखने के लिए आप बाल धो सकते हैं।

मिथक 2: पीरियड्स में खट्टा, ठंडा या अचार खाने से ब्लीडिंग रुक जाती है या दर्द बढ़ता है।

सच्चाई: आपने अक्सर सुना होगा कि पीरियड्स में अचार या नींबू जैसी खट्टी चीजें नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इससे खून का प्रवाह रुक जाता है। साइंस कहता है कि पाचन-तंत्र और प्रजनन-तंत्र का आपस में ऐसा कोई संबंध नहीं है। खट्टा खाने से ब्लीडिंग या दर्द पर कोई असर नहीं पड़ता है। लेकिन, आपको इस दौरान ज्यादा तला-भुना या नमक वाला खाना खाने से बचना चाहिए। इससे ब्लोटिंग की दिक्कत हो सकती है।

मिथक 3: पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।

सच्चाई: कई लोग मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को सिर्फ आराम करना चाहिए और किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी नहीं करनी चाहिए। जबकि, साइंस कहता है कि पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज, वॉक या योग करने से शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होता है। इससे पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से आराम मिलता है। हालांकि, आपको हैवी वजन उठाने से बचना चाहिए।

मिथक 4: पीरियड्स का खून गंदा होता है।

सच्चाई: सदियों से मासिक धर्म के खून को समाज में गंदा माना जाता रहा है। जबकि, पीरियड्स का खून शरीर का कोई गंदा या विषैला पदार्थ नहीं है। यह रक्त, गर्भाशय की आंतरिक परत के ऊतकों अनफर्टिलाइज्ड एग होता है। जब महिला गर्भवती नहीं होती, तो गर्भाशय की यह परत टूटकर बाहर निकल जाती है। यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रक्रिया है।

Disclaimer: पीरियड्स को लेकर लोगों के मन में कई सवाल आते हैं। हर किसी के मन में पीरियड्स को लेकर अलग-अलग मिथ है। लेकिन, इनमें से कई मिथ ऐसे हैं, जिनसे साइंस बिल्कुल भी रिलेट नहीं करता है। इसलिए किसी भी मिथ पर भरोसा करने से पहले एक बार सही जानकारी जरूर लें। 

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