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Written By: Anshumala | Updated : May 24, 2021 8:35 PM IST
Severe Coronavirus Symptoms: कोरोनावायरस के अब तक हल्के से लेकर गंभीर तक कई लक्षण लोगों में नजर आ चुके हैं। सही समय पर हल्के लक्षणों का इलाज ना करवाने से कोरोना आपके फेफड़ों में अटैक करना शुरू कर देता है। इस स्थिति में सांस की तकलीफ, निमोनिया, ऑक्सीजन लेवल की कमी जैसी गंभीर समस्याओं से लोगों की जान भी चली जाती है। कोरोना इतना खतरनाक वायरस साबित हुआ है, जो अब तक कई नए स्ट्रेन, म्यूटेंट में सामने आ चुका है। और देश में कोरोना की दूसरी लहर बहुत घातक साबित हो रही है। आपके लिए यह भी जानना जरूरी है कि कौन से लक्षण आपके लिए घातक साबित हो सकते हैं और किन लक्षणों को हल्के (Coronavirus Symptoms) में नहीं लेना चाहिए....
बुखार होना कोरोनावायरस के सबसे कॉमन लक्षणों में शामिल है। हालांकि, कई लोगों में कोविड पॉजिटिव होने के बाद भी बुखार नजर नहीं आता है, तो कुछ लोगों को 103 तक बुखार आता-जाता रहता है। यदि आपके शरीर का तापमान 97-98 से बढ़कर 100 रहने लगता है, तो इसे नजरअंदाज ना करें। कई बार बुखार किसी दूसरी शारीरिक समस्या के कारण भी आता है, लेकिन कोरोना काल में इस एक लक्षण को भूलकर भी नजरअंदाज करने की गलती ना करें। खासकर, जब बुखार 6-7 दिनों के बाद भी कम ना हो। बुखार शुरुआत में आए, फिर ठीक हो जाए और फिर आने लगे तो इसे डॉक्टर से जरूर दिखाएं।
कहते हैं दो सप्ताह से अधिक खांसी यानी टीबी (Tuberculosis) होना, लेकिन इन दिनों आपको लगातार खांसी आए, तो ना करें नजरअंदाज। गले और सीने में इर्रिटेशन होकर खांसी आना और इसका लगातार बना रहना सही नहीं है। इसका टेस्ट करवाना जरूरी है। यदि आपको कोविड हुआ तो आप दूसरों को भी संक्रमित कर सकते हैं। खासकर, बिना कफ वाली खांसी हो तो यह अधिक गंभीर बात है। खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ हो, जलन की समस्या हो, तो यह कोविड के कारण होने वाला निमोनिया भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में देर करने से आपकी जान भी जा सकती है।
सीने में आपके कंजेशन यानी किसी तरह के जमाव होने से फेफड़े सही से काम करना बंद कर सकते हैं। इससे आपको सांस की तकलीफ बढ़ सकती है। यदि आप कोरोना पॉजिटिव हैं, तो शुरुआत से लेकर अंत तक सीने में दर्द, कंजेशन, दबाव, जलन जैसा महसूस अधिक हो, तो डॉक्टर से बताएं। कोरोना अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। यदि आपको ये समस्याएं (Severe Coronavirus Symptoms in hindi) महसूस हों, तो शुरुआत में ही उस हिसाब से ट्रीटमेंट मिल जाने से कोरोना घातक साबित नहीं होगा।