
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 3, 2023 5:45 PM IST
जब भी मौसम बदलता है कुछ लोगों के सांस से जुड़ी कुछ समस्याएं होने लगती हैं। हम अक्सर इसे बदलते मौसम के कारण होने वाली एलर्जी समझ लेते हैं। कुछ मामलों में ऐसा सच भी होता है, क्योंकि कुछ लोगों का शरीर थोड़ा सेंसिटिव होता है और मौसम में आए बदलाव के कारण अक्सर एलर्जी के लक्षण होने लगते हैं। सर्दियों का मौसम अब जा चुका है और गर्मियां धीरे-धीरे बढ़ रही है, ऐसे में बहुत से लोगों में एलर्जी से जुड़े लक्षण होने लग जाते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि ये किसी सामान्य एलर्जी के लक्षण ही हों। एक्सपर्ट्स कहते है कि बदलते मौसम के दौरान सांस लेने से जुड़ी तकलीफ होना किसी श्वसन प्रणाली से जुड़े किसी गंभीर विकार का संकेत हो सकता है। इस बारे में डॉक्टर आयुष पांडे से बात की और उन्होंने बदलते मौसम में होने वाली सांस से जुड़ी बीमारियों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी। डॉक्टर आयुष पांडे एसजीटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम में रेस्पिरेटरी डिजीज के स्पेशलिस्ट हैं। चलिए जानते हैं बदलते मौसम में होने वाली सांस से जुड़ी बीमारियों के बारे में।
डॉक्टर आयुष पांडे ने Thehealthsite को बताया कि बदलते मौसम में लोगों को अक्सर देखा गया है कि सांस लेने से जुड़ी तकलीफ बढ़ जाती है। खासतौर पर जब हम ठंड के बाद अब गर्मियों की तरफ बढ़ रहे हैं, तो ऐसे मौसम में वे मरीज जिन्हें पहले से ही सांस से जुड़ी किसी प्रकार की बीमारी है जैसै दमा (यानी ब्रोंकाइल अस्थमा), क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और ब्रोन्किइक्टेसिस आदि। सांस लेने से जुड़ी ऐसी क्रोनिक बीमारियों में इन दिनों में सांस लेने की दिक्कत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि फेफड़ों के अंदर जो सांसों की नली होती है उनमें सूजन बढ़ जाती है। यह सूजन आमतौर पर मौसम में बदलाव होने के दौरान बढ़ती है।
जिन लोगों को किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है जैसे दमा आदि उन्हें ज्यादा ठंड, बारिश के मौसम या फिर अचानक से गर्मी होने के दौरान लक्षण बढ़ने की समस्या होने लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौसम में भी एलर्जी पार्टिकल्स अचानक से बढ़ जाते हैं और इस कारण से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। यदि आपको भी इस मौसम में सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो आपको इग्नोर नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कोई आम एलर्जी नहीं है।
डॉक्टर आयुष पांडे के अनुसार जिन लोगों को ज्यादा अस्थमा की समस्या है, उन्हें खासतौर पर इस मौसम में हाइड्रेट रहना चाहिए। शरीर में फ्लूइड इनटेक बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, नारियल पानी और अन्य फलों के रस का सेवन करें। गर्मियों के दिनों में शरीर में तरल पदार्थों की कमी होने लगती है, जिसकी वजह से भी अस्थमा व अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रोजाना कम से कम तीन से चार लीटर पानी जरूर पीएं।
डॉक्टर आयुष पांडे ने बताया कि अगर आप गर्मियों के दिनों में घर से बाहर निकल रहे हैं, तो अपने मुंह पर कपड़ा जरूर बांध लें या मास्क का प्रयोग करें। कपड़े या मास्क की मदद से आप एलर्जी पार्टिकल्स से बच पाएंगे। घर पर भी धूल-मिट्टी से बचने के लिए सफाई करते समय खास ध्यान रखें और मुंह पर कपड़ा बांध लें। धुएं के संपर्क में आने से बचें।
यदि आपको फेफड़ों की कोई क्रोनिक बीमारी है या फिर बदलते मौसम के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं, तो आपको कुछ चीजों का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर आयुष पांडे कहते हैं कि बहुत ज्यादा ठंडी, खट्टी या तली-भुनी चीजों का सेवन न करें। क्योंकि ये फूड्स क्रोनिक बीमारियों को फिर से ट्रिगर करने यानी उनके लक्षण फिर से शुरू करने का काम करती है।
समय-समय पर सभी जरूरी वैक्सीन शॉट लगवाना भी जरूरी है। खासतौर पर जिन लोगों को बदलते मौसम में किसी न किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या हो जाती है, तो उन्हें हर साल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए और हर पांच साल में एक बार न्यूमोकोकल वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए।
डॉक्टर आयुष पांडे के अनुसार घर पर भाप लेकर एलर्जी के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक डालकर उसके गरारे भी जरूर करें। इस दौरान थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करना भी आपको हेल्दी रखने में मदद करेगा। सुबह-सुबह कम से कम 30 मिनट वॉक करने से भी आपको काफी फायदा मिल सकता है।