आंत में होती है 70 % इम्यूनिटी सेल्स, सेहतमंद शरीर के लिए इस तरह रखें इसे स्वस्थ

इम्यून सिस्टम के 70% सेल्स हमारी आंतों में पायी जाती हैं। ये  इम्यूनिटी सेल्स ( Immunity and Gut Health) आपकी आंतों की अंदरूनी दीवार पर होती हैं। इसलिए जब हमारी आंत स्वस्थ रहती है, तो इम्यूनिटी सिस्टम भी बेहतर होता है। आंत को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : June 11, 2020 10:14 AM IST

Immunity and Gut Health : कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इन दिनों सभी इम्यूनिटी बढ़ाने को लेकर चिंतित हैं। इम्यूनिटी को रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते हैं। इसका अर्थ है शरीर में रोगों से लड़ने वाली शक्ति। यह शरीर में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में हमारी मदद करता है। इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए हम कई तरह-तरह की चीजें खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर की इम्यूनिटी सबसे ज्यादा हमारे आंतों की सेहत पर निर्भर करती है? जी हां,  इम्यून सिस्टम के 70% सेल्स हमारी आंतों में पायी जाती हैं। ये  इम्यूनिटी सेल्स ( Immunity and Gut Health) आपकी आंतों की अंदरूनी दीवार पर होती हैं। इसलिए जब हमारी आंत स्वस्थ रहती है, तो इम्यूनिटी सिस्टम भी बेहतर होता है। आंत को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी है। आइए जानते हैं आंतों को स्वस्थ रखने ( Immunity -and Gut Health) वाली डायट के बारे में-

सेब का सिरका

सेब का सिरका आपके शरीर को हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनाने में मदद करता है। यह पेट के लिए लाभकारी एसिड होता है, जो वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को पचाने में मदद करता है। यह वजन घटाने में सहायक होता है और आंत को हेल्दी बनाने में भी मदद करता है।

खाएं आम

आम हमारी आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को जिंदा रखने में मदद करता है। आम को भोजन में शामिल करने से आप अपने पेट के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं, क्योंकि यह शरीर में वसा को कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। आम में कई पोषक तत्व और अन्य प्रोबायोटिक्स होते हैं जो शरीर को कई तरह से स्वास्थ्य लाभ देते हैं।

 लैक्टोस मुक्त उत्पाद

ऐसे प्रोडक्ट्स जो बादाम, सोयाबीन, राइस मिल्क से बने होते हैं, उन्हें लैक्टोस मुक्त उत्पाद कहते हैं और ये आसानी से पच जाते हैं। लैक्टोस मुक्त दही का सेवन करना आंत हेल्थ के लिए लाभदायक है। इनका सेवन करने से पहले इन प्रोडक्ट्स का पोषण लेबल पढ़ लेना चाहिए। क्योंकि ऐसे कई उत्पादों में प्रोटीन की मात्रा कम हो सकती है। अगर प्रोटीन कम है तो नट्स और बीजों का सेवन साथ में किया जा सकता है।

योगर्ट अथवा दही

हम पढ़ चुके हैं कि नॉन डेयरी योगर्ट स्वास्थ्यवर्धन के लिए महत्वपूर्ण ऑप्शन है। लेकिन असली योगर्ट यानी दही भी स्वास्थ्यवर्धक है। योगर्ट में लाभदायक प्रोबायोटिक्स की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स हानिकारक फंगस और बैक्टीरिया को निकालने में मदद करते हैं। ये हमारी आंत हेल्थ को सुधारते हैं और हमारे चिड़चिड़पन को भी कम करते हैं।

केफिर

लिक्विड योगर्ट को केफिर कहा जाता है। दही को प्रोसेस करके उसमें से चिकनाई को निकाल लिया जाता है और बचा हुआ उत्पाद केफिर कहलाता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व आंत को हेल्दी बनाते हैं, जिससे इसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

अंकुरित अनाज

अंकुरित अनाज को पचाना बेहद आसान माना जाता है। इससे बने ब्रेड पारंपरिक ब्रेड की बजाय अधिक फायदेमंद होते हैं। पचाने में आसान होने की वजह से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में शरीर को आसानी होती है। अंकुरित अनाज में कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में पाया जाता है। यह आंत के लिए फायदेमंद आहार है।

नारियल का तेल

यह एक ऐसा मीडियम चेन फैटी एसिड उत्पाद है जो एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल है। इसमें पाया जाने वाला फैटी एसिड पेट की एसिडिटी को कम करता है और हानिकारक खमीर और बैक्टीरिया को खत्म करता है।

मछली

ऐसी मछली का सेवन करना जो प्राकृतिक वातावरण में पकड़ी गई हो, आंत के लिए लाभदायक है। ऐसी मछली को जंगली मछली भी कहा जाता है, जिसकी फार्मिंग न की गई हो। ऐसी मछली में ओमेगा 3 एसिड पाया जाता है जो आंत के रोगों में राहत देता है। मछली के मीट को लीन मीट भी कहा जाता है।

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