एक्सरसाइज ना करने और सुस्त रहने से सेहत को हो सकते हैं बड़े नुकसान, बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के अलावा हार्ट डिज़िज़ेज़ जैसी गम्भीर बीमारियों की एक प्रमुख वजह अनहेल्दी और सुस्त लाइफस्टाइल ही मानी जाती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 18, 2021 5:35 PM IST

Sedentary Lifestyle Side Effects :  दिनभर डेस्क के सामने बैठकर काम करना, फिर कार या ऑफिस की बस से दफ्तर से घर आना और फ्रेश होने के बाद सोफे पर बैठे टीवी देखना, इसके बाद खाना खाकर सो जाना। मौजूदा समय में शहरों में रहने वाले ज़्यादातर लोगों की लाइफस्टाइल कुछ ऐसी ही है। इस तरह की दिनचर्या में लोगों को एक्सरसाइज करने या खेलने-कूदने का समय नहीं मिलता। तो वहीं, कई लोग ऐसे हैं जो थकान और आलस की वजह से एक्सररसाइज करना भी नहीं चाहते। इस तरह सुस्त और फिजिकल एक्टिविटीज की कमी वाली जिंदगी (sedentary lifestyle) में  लाइफस्टाइल से जुड़ी कई बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है। डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर के अलावा हार्ट डिज़िज़ेज़ जैसी गम्भीर बीमारियों की एक प्रमुख वजह अनहेल्दी और सुस्त लाइफस्टाइल ही मानी जाती है। यहां पढ़ें ऐसी ही लाइफस्टाइल रिलेटेडेड हेल्थ प्रॉब्लम्स के बारे में जो सुस्त लाइफस्टाइल की वजह से हो सकीती हैं। (Sedentary Lifestyle Side Effects In Hindi. )

पीठ का दर्द

यह समस्या उन लोगों को अधिक होती है जो डेस्क जॉब करते हैं या इस तरह का काम करते हैं जिसमें अधिकांश समय उन्हें बैठे रहना पड़ता है। इस तरह का काम करने वाले लोगों में पीठ का दर्द होने का रिस्क भी अधिक होता है। फिजिकल एक्टिविटीज की कमी के कारण पीठ की मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं जिससे पीठ में दर्द  (Back  Pain) और तकलीफ बढ़ सकती है। जब भी ऐसे लक्षण दिखें तो किसी एक्सपर्ट से बात करें और उनके परामर्श के अनुसार, दर्द और तकलीफ से राहत के उपाय अपनाएं। (Sedentary Lifestyle Side Effects)

ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी गड़बड़ियां

शरीर में रक्त का संचार या ब्लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) सही तरीके से ना हो पाने पर कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं (Side effects of poor blood circulation) हो सकती हैं। जिन लोगों की फिजिकल एक्टिवटीज कम होती हैं उनके शरीर में ब्लड सर्कुलशेन भी सुचारू तरीके से नहीं होता। नतीजतन, रक्त के साथ शरीर के हर हिस्से तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई (Oxygen Supply)  भी धीमी पड़ जाती है। इससे थकान, सुस्ती और डल स्किन  जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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