एक्ट्रेस पायल घोष ने बताए 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' से बचने के टिप्स, जानिए इसके लक्षण, कारण और उपचार

अभिनेत्री पायल घोष ने 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' पर कुछ बातें शेयर की हैं। वह कहती हैं कि मानसून सीजन के दौरान अधिकतर लोग उदास और चिंतित महसूस करने लगते हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है और क्या है सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर, जानें यहां...

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Written By: Anshumala | Updated : June 28, 2020 2:56 PM IST

Seasonal affective disorder: मानसून सीजन अपने साथ कई तरह की बीमारियां लाता है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से अक्सर लोग इस मौसम में परेशान रहते हैं। मौसम बदलने से एक और शारीरिक समस्या लोगों को परेशान करने लगती है और वह समस्या है सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर। इससे लोग उदास, परेशान, चिंतित रहने लगते हैं। इसी समस्या से संबंधित कुछ बातें अभिनेत्री पायल घोष (Payal Ghosh) ने भी शेयर की हैं। वह कहती हैं कि मानसून सीजन (Monsoon season) के दौरान अधिकतर लोग उदास और चिंतित महसूस करने लगते हैं। दरअसल, पायल खुद सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (Seasonal affective disorder in hindi) को लेकर प्रशिक्षित हैं।

पायल कहती हैं, "बहुत सारे लोग मानसून के दौरान खुद को उदास और यहां तक कि चिंतित महसूस करते हैं। ऐसा सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के कारण ही होता है। काले बादल और कम धूप मूड को प्रभावित करती है और इस दौरान एक व्यक्ति उदास और खुद को अकेला महसूस कर सकता है। गरज और बिजली लोगों को चिंतित होने और पैनिक अटैक (Panic attack) के लिए ट्रिगर कर सकती है।"

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के लक्षण (Symptoms of Seasonal Affective Disorder)

उदासी, चिंता और डिप्रेशन

काम करने में मन ना लगना

शरीर में एनर्जी लेवल का कम होना

आलस महसूस करना

नींद न आने की समस्या

भूख में कमी

Seasonal affective disorder in hindi 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' के लक्षण और बचाव के उपाय। © Shutterstock

पायल ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दी सलाह

1 पायल ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपना ध्यान रखने की बात कही। ऐसे मामलों में मैं लोगों को ध्यान करने (Meditation) और आनंददायक गतिविधियों में समय देने के लिए कहती हूं। हरियाली, फूल, सूरज निकलते ही आसमान में इंद्रधनुष की तलाश करने के लिए  कहती हूं। ताजी, साफ और धुली सड़कों और इमारतों के आसपास या बच्चों को खेलते हुए देखकर अच्छा महसूस किया जा सकता है।

2 पायल कहती हैं, "हमें जो पसंद है, उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन चीजों को सहन करने की कोशिश करनी चाहिए, जो हम नहीं बदल सकते हैं। ऐसा दृष्टिकोण हमें पॉजिटिव रहने में बहुत मदद करता है।"

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर को दूर करने के प्राकृतिक उपाय

1 जितना हो सके दिन की रोशनी में रहने की कोशिश करें।

2 खुद को खुश रखने के तरीके अपनाएं। संगीत सुनें, कॉमेडी फिल्में देखें। सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के कारण आपको स्ट्रेस, डिप्रेशन हो रहा है, तो उससे उबरने के लिए अपना पसंदीदा काम करें।

3 लाइट थेरेपी के जरिए भी इस समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके लिए पोर्टेबल या स्पेशल लाइट बॉक्स का यूज करें।

4 सर्दी या बारिश के मौसम में सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या से परेशान हैं, तो वर्कआउट, योग, मेडिटेशन जरूर करें। योग और मेडिटेशन से मानसिक सेहत दुरुस्त होती है।

5 अपने खानपान में विटामिन बी6, थायमिन, फॉलिक एसिड शामिल करें। जंक फूड, चॉकलेट, शुगरी फूड्स अधिक खाने से बचें।

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