
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 2, 2021 6:12 PM IST
परमेथ्रिन कीटनाशक का इस्तेमाल कर भी लार्वा माइट्स को मारा जा सकता है.
कोरोनावायरस और फिर उसके अलग अलग वेरिएंट का अभी पूरी तरह से इलाज नहीं मिल पाया है कि एक और नए वायरस ने दस्तक दे दी है। इस वायरस का नाम स्क्रब टाइफस है। उत्तर प्रदेश में अब तक स्क्रब टाइफस (Scrub Typhus In Uttar Pradesh In Hindi) के 60 से ज्यादा केस मिल चुके हैं और करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रचना गुप्ता का कहना है कि कुह गांव में 26 बच्चे स्क्रब टाइफस से संक्रमित हो चुके हैं जबकि पिपरोथ, रल और जसोदा में ये नंबर 3,14 और 17 है। इसके अलावा, इस गांव में स्क्रब टाइफस के चलते कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 8 बच्चे हैं। आगरा, फिरोजाबाद, मेनपुरी, इटाह और कासगंज में इस बुखार से लोग संक्रमित हुए हैं। आइए जानते हैं क्या है स्क्रब टाइफस, ये कैसे फैलता है और इसके लक्षण व इलाज क्या है-
कीड़े के काटने के बाद 10 दिनों के अंदर स्क्रब टाइफस के लक्षण दिख जाते हैं। जिसमें बुखार, नाक बहना, सिर में दर्द, शरीर और मसल्स में दर्द, मूड स्विंग और शरीर में रैशेज होना आदि।
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया के कारण फैलता है। जब संक्रमित चिगर्स किसी व्यक्ति को काटता है तो उसे यह बीमारी हो जाती है। सीडीसी के अनुसार, स्क्रब टाइफस को शर्ब टाइफ्स भी कहते हैं। इसके लक्षण काफी हद तक चिकनगुनिया से मिलते हैं। यदि किसी व्यक्ति को इसके लक्षण महसूस होते हैं तो बिना देरी के डॉक्टर से मिलना चाहिए। इलाज में देरी होने पर मरीज की जान जा सकती है।