Scrub Typhus In Uttar Pradesh: यूपी में मिले स्क्रब टाइफस के 60 से भी ज्‍यादा केस, जानिए कैसे फैल रही है ये रहस्‍यमयी बीमारी

Scrub Typhus in Koh Village: उत्‍तर प्रदेश के मथुरा जिले की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्‍टर रचना गुप्‍ता का कहना है कि कुह गांव में 26 बच्‍चे स्‍क्रब टाइफस से संक्रमित हो चुके हैं.

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 2, 2021 6:12 PM IST

कोरोनावायरस और फिर उसके अलग अलग वेरिएंट का अभी पूरी तरह से इलाज नहीं मिल पाया है कि एक और नए वायरस ने दस्‍तक दे दी है। इस वायरस का नाम स्‍क्रब टाइफस है। उत्‍तर प्रदेश में अब तक स्‍क्रब टाइफस (Scrub Typhus In Uttar Pradesh In Hindi) के 60 से ज्‍यादा केस मिल चुके हैं और करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्‍तर प्रदेश के मथुरा जिले की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्‍टर रचना गुप्‍ता का कहना है कि कुह गांव में 26 बच्‍चे स्‍क्रब टाइफस से संक्रमित हो चुके हैं जबकि पिपरोथ, रल और जसोदा में ये नंबर 3,14 और 17 है। इसके अलावा, इस गांव में स्‍क्रब टाइफस के चलते कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 8 बच्‍चे हैं। आगरा, फिरोजाबाद, मेनपुरी, इटाह और कासगंज में इस बुखार से लोग संक्रमित हुए हैं। आइए जानते हैं क्‍या है स्‍क्रब टाइफस, ये कैसे फैलता है और इसके लक्षण व इलाज क्‍या है-

कैसे दिखते हैं स्‍क्रब टाइफस के लक्षण (Scrub Typhus Symptoms)

कीड़े के काटने के बाद 10 दिनों के अंदर स्‍क्रब टाइफस के लक्षण दिख जाते हैं। जिसमें बुखार, नाक बहना, सिर में दर्द, शरीर और मसल्‍स में दर्द, मूड स्विंग और शरीर में रैशेज होना आदि।

कैसे फैलता है स्‍क्रब टाइफस (How Scrub Typhus Spreads)

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार स्‍क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्‍सुत्‍सुगामुशी नामक बैक्‍टीरिया के कारण फैलता है। जब संक्रमित चिगर्स किसी व्‍यक्ति को काटता है तो उसे यह बीमारी हो जाती है। सीडीसी के अनुसार, स्‍क्रब टाइफस को शर्ब टाइफ्स भी कहते हैं। इसके लक्षण काफी हद तक चिकनगुनिया से मिलते हैं। यदि किसी व्‍यक्ति को इसके लक्षण महसूस होते हैं तो बिना देरी के डॉक्‍टर से मिलना चाहिए। इलाज में देरी होने पर मरीज की जान जा सकती है।

क्‍या है स्क्रब टाइफस का इलाज (Scrub Typhus Treatment)

  • वैसे तो इसके लिए कोई वैक्‍सीन नहीं है लेकिन डॉक्‍टर ने स्‍क्रब टाइफस से बचने के लिए DOS & DON’TS बताए हैं जिससे संक्रमित होने से बचा जा सकता है।
  • इससे बचने का सबसे अच्‍छा तरीका भीड़भाड़ वाली जगह में जाने से बचना है।
  • सीडीसी की सलाह है बच्‍चों को ऐसे कपड़ पहनाएं जिससे उनका शरीर पूरी तरह ढका रहे।
  • परमेथ्रिन कीटनाशक का इस्‍तेमाल कर भी लार्वा माइट्स को मारा जा सकता है।

  • अगर आपको कोई व्‍यक्ति स्‍क्रब टाइफस से संक्रमित लगता है तो उससे दूरी बनाकर रखें, यह एक संक्रामक बीमारी है जो एक व्‍यक्ति से दूसरे में फैलती है।
  • सोने से पहले अपने बिस्‍तर में परमेथ्रिन और बेंजिल बेंजोलेट का छिड़काव करना चाहिए। ताकि अगर बिस्‍तर पर किसी तरह ये वायरस आ गया तो आप को संक्रमित न कर पाए।
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