मप्र में अब 'स्क्रब टाइफस' ने दी दस्तक, पन्ना में मिले 4 मरीज, 2 की मौत, जानें क्या है स्क्रब टाइफस रोगी, लक्षण और बचाव के उपाय

'स्क्रब टाइफस' बीमारी (Scrub Typhus) चूहे, छछून्दर, गिलहरी आदि से फैलती है, सामान्य तौर पर चूहों के शरीर पर पाए जाने वाले जीवाणु ओरिएंटिया सुसुगैमुशी के कारण यह बीमारी होती है। इसके लक्षणों में बुखार, शरीर पर छोटे-छोटे दाने, सूख चकत्ते, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस फूलना, खांसी, आदि शामिल हैं।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : November 13, 2020 8:01 AM IST

Scrub Typhus Disease in Hindi: मध्य प्रदेश (Madhya pradhesh) में कोरोना संक्रमण (Corona infection) के बीच एक और बीमारी ने दस्तक दे दी है, जिसका नाम है 'स्क्रब टाइफस'। अब तक पन्ना सहित राज्य के कुछ हिस्सों में मरीज मिल चुके हैं। बताया जा रहा है कि स्क्रब टाइफस रोग चूहा, छछूंदर और गिलहरी के जरिए फैलता है। इसके नियंत्रण और हालात का परीक्षण करने के लिए भोपाल से तीन सदस्यीय टीम पन्ना भेजी गई है। जानतें है कब, कैसे हुई इस बीमारी की शुरुआत और इसके लक्षण और बचाव के उपाय क्या-क्या हैं...

दो सौ वर्ष पुरानी बीमारी है स्क्रब टाइफस

वैसे यह बीमारी लगभग दो सौ साल पुरानी है। स्क्रब टाइफस (Scrub Typhus Disease) के मरीज कई हिस्सों में मिले है। पन्ना में अब तक चार मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। यह दो सौ साल पुरानी वायरस से होने वाली बीमारी बताई जा रही है। ‘स्क्रब टाइफस’ को ‘बुश टाइफस’ भी कहा जाता है, जो ओरिएंटिया सुसुगैमुशी (Orientia tsutsugamushi) नाम के कीटाणु की वजह से होती है।पन्ना (Panna) के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी के अनुसार, पन्ना के अलावा इस बीमारी के दमोह, सतना जबलपुर में मरीज मिले हैं। उन्होंने बताया कि यह संक्रमण अधिक न फैले इसके लिए संक्रमित क्षेत्र में कई लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। भोपाल से एक टीम भी आई है। वहीं यह बीमारी और न फैले, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं।

कैसे होती है स्क्रब टाइफस बीमारी और लक्षण

बताया जाता है कि यह बीमारी (Scrub Typhus Disease in hindi) चूहे, छछून्दर, गिलहरी आदि से फैलती है, इसलिए इनके द्वारा कुतरे गए फल अथवा खाए गए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। सामान्य तौर पर चूहों के शरीर पर पाए जाने वाले जीवाणु ओरिएंटिया सुसुगैमुशी के कारण यह बीमारी होती है। इस बीमारी में सामान्य बुखार के साथ (Symptoms of scrub typhus) शरीर में छोटे-छोटे दाने, सूख चकत्ते होते हैं। साथ ही सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस फूलना, खांसी, जी मितलाना, उल्टी होना अन्य लक्षण शामिल हैं। ऐसा होने पर लोगों को तुरंत उपचार कराना चाहिए। समय पर उपचार होने से बीमारी पांच दिन में ही ठीक हो जाती है।

इलाज है संभव, पर साफ-सफाई का रखें ध्यान

स्क्रब टाइफस लाइलाज बीमारी नहीं है। हां, इसमें लापरवाही बरतने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। हर किसी को साफ-सफाई पर ध्यान देने के साथ चूहों से बचाव करना जरूरी है। भोपाल से आईं टीम की सदस्य डॉ. गुंजन सिंह ने बताया कि यह बीमारी 200 साल पहले हुआ करती थी। अब कुछ समय से इसके मामले सामने आ रहे हैं। पन्ना में चार मामले मिले, उनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि इलाज है और समय पर यदि बीमारी का पता चल जाए, तो इसे ठीक किया जा सकता है।

कैसे करें स्क्रब टाइफस बीमारी से बचाव

  • चूंकि यह बीमारी चूहे, छछून्दर गिलहरी आदि से फैलती है, इसलिए इनके द्वारा कुतरे गए फलों या खाए गए खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।
  • जब भी फल आदि खाएं तो उसे धोकर खाना चाहिए। खाना खुला न छोड़ें।
  • चिकित्सकों के अनुसार, इससे बचने के लिए खेतों में काम करते समय हाथ-पैरों को ढक कर रखना चाहिए।
  • साफ-सफाई का पालन करना चाहिए। बुखार आने पर जांच जरूर कराएं।
  • इस बीमारी में सर्तकता ही सबसे बड़ा उपचार है, समय रहते यदि बीमारी को पकड़ लिया जाए, तो इससे बचा जा सकता है।

मिजोरम में स्क्रब टाइफस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं लोग, क्या है यह बीमारी ?

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source