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अब नकली दांतों की जरूरत नहीं, टूटे दांतों को फिर से उगाए जा सकेंगे? नई खोज पर काम कर रहे वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खास रिसर्च पर काम कर रहे हैं, जिनकी मदद से टूटे हुए दांतों को प्राकृतिक रूप से फिर से उगाया जा सकेगा। जल्द ही नकली दांतों यानी डेंचर की जरूरत खत्म हो सकती है, चलिए जानते हैं इस खास खोज के बारे में।

Written By Mukesh Sharma
Published : July 19, 2026 7:25 PM IST

dental regrow research (AI generated image)

क्या कभी आपने सोचा है कि खाने-पीने की ज्यादातर चीजें जब हम खाते हैं तो दांत उसमें एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन जो हम खाते हैं उसका असर दांतों पर जरूर पड़ता है और आजकल तो आप देख ही रहे हैं कि लोग कैसे अनाप-शनाप खा लेते हैं और उसका असर हमारे दांतों के स्वास्थ्य पर ही पड़ता है। यही कारण है कि आजकल कम उम्र में ही लोगों को दांत खराब होने लगते हैं और यहां तक कि टूटने लगते हैं। फिर नकली दांतों यानी डेन्चर्स (Dentures) के सहारे जीना पड़ता है, जिनमें कोई मजा नहीं है लेकिन मजबूरी है कोई विकल्प नहीं होता है। लेकिन शायद अब जल्दी ही यह मजबूरी भी खत्म हो सकती है। क्योंकि वैज्ञानिक एक ऐसी खोज पर काम कर रहे हैं, जिसकी मदद से वे टूटे हुए दांतों को फिर से उगा सकते हैं।

नई खोज कर कर रहे वैज्ञानिक काम

BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइंटिस्ट्स ने अब एक ऐसा तरीका ढूंढ निकाला है जिससे आपके टूटे या खोए हुए दांत दोबारा उग सकते हैं। शायद जल्दी ही ऐसा समय आएगा लोगों को दांत टूटने के बाद नकली दांतों का साथ नहीं जीना पड़ेगा बल्कि वे अपने टूटे हुए दांतों की जगह पर नए दांत उगा सकेंगे।

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किंग्स कॉलेज ऑफ लंडन और इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंडन के साइंटिस्ट एक बेहद खास खोज पर काम कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने एक ऐसा खास तरह का मटेरियल बनाया है, दांतों की सेल्स को खास तरीके से उत्तेजित करता है और उन्हें नया दांत बनाने का सिग्नल मिल जाता है। सरल शब्दों में कहें तो यह खास बायोमैटेरियल कोशिकाओं को इस तरह का वातावरण देता है, कि सेल्स नया दांत बनाने में मजबूत हो जाती हैं।

अभी खोज पर चल रहा है काम

हालांकि, ऐसा नहीं है कि अभी से पहले वैज्ञानिकों ने लोगों को दांत उगाना शुरू कर दिए हैं। दरअसल, अभी इस रिसर्च पर काम चल रहा है और पहली सफलता मिल चुकी है। क्योंकि वैज्ञानिक मनुष्य की कोशिका से लैब में छोटे-छोटे दांत बना चुके हैं। इसलिए, जो लोग डेन्चर यानी नकली दांतों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हम सलाह देंगे कि अभी से पहले अपने दांतों को निकालकर मत फेंक दीजिए। क्योंकि अभी रिसर्च पर काम चल रहा है ।

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कोशिश करें कि दांत उगाने की नौबत न आए

मेडिकल साइंटिस्ट भले ही नया दांत उगाने पर रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन आपको ध्यान रखना है कि आपको पहले वाले दांत ही सुरक्षित रहें और आपको दूसरी बार दांत उगाने या नकली दांत पहनने की नौबत ही न आए। ऐसा करने के लिए आपको कुछ खास नहीं करना बस स्वास्थ्य से जुड़ी इन खास बातों का ध्यान रखना है -

  • रोजाना कम से कम दो बार ब्रश करें
  • खाने खाने के बाद तुरंत कुल्ला करें
  • रात को मीठी चीजें न खाएं
  • तंबाकू के प्रोडक्ट्स का सेवन न करें
  • अल्कोहल यानी शराब का सेवन न करें

साथ ही आपको हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट से चेकअप करा लेना चाहिए, ताकि अगर दांतों से जुड़ी कोई समस्या पैदा हो रही हो तो जल्द से जल्द उसका इलाज किया जा सके। अगर हम इस तरह की सामान्य बातों का ध्यान रखेंगे तो हमारे नेचुरल दांत हेल्दी और मजबूत रहेंगे और हमें नकली दांतों की या फिर दांत उगाने वाली उस खास टेक्नोलॉजी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल इंटरनेट पर मौजूद जानकारी पर आधारित नई खोज के बारे में बताना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।