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Schizophrenia से निजात दिलाने में ये मुद्राएं करेंगी आपकी मदद

सिजोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति यदि कुछ मुद्राओं का अभ्यास करे, तो लाभ जरूर होता है।

Schizophrenia से निजात दिलाने में ये मुद्राएं करेंगी आपकी मदद

Written by Anshumala |Published : May 24, 2018 4:34 PM IST

आज है ''विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस'' (world schizophrenia day)। सिजोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति का मन या तो कल्पना की दुनिया में भटकता रहता है या फिर नकारात्मकता पाल लेता है। इस बीमारी से पीड़ित लोग कभी ख्याली पुलाव पकाते रहते हैं, तो कभी अनावश्यक आशंकाओं से घिर जाते हैं। ऐसे लोग सच और कल्पना के बीच अंतर नहीं समझ पाते हैं। यह एक गंभीर मानसिक बीमारी है। व्यक्ति अपने ही विचारों में खोया रहता है। जीवन में प्यार की कमी इसका मूल कारण है। ओशोधारा की योग विशेषज्ञा मां ओशो प्रिया कहती हैं कि इस अतिरेकी मनोदशा से निजात दिलाने में मुद्राएं बहुत कारगर हैं। जो भी सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हैं, उन्हें मुख्य रूप से ज्ञान मुद्रा, शंख मुद्रा और पंकज मुद्रा करनी चाहिए।

Gyan Mudra

ज्ञान मुद्रा

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यह मुद्रा अंगूठे और तर्जनी के ऊपरी हिस्से के मिलाने और शेष उंगलियों को बिल्कुल सीधा रखने से बनती है। सिजोफ्रेनिया के रोगी को खासकर रात में सोते समय ज्ञान मुद्रा करनी चाहिए। इस मुद्रा से बौद्धिक क्षमता बढ़ती है। अजीबो-गरीब हरकतें बंद हो जाती हैं। यह मुद्रा व्यक्ति को शांत कर देती है, जिससे तनाव दूर होता है। सकारात्मक विचार बनने शुरू हो जाते हैं।

Shankh Mudra

शंख मुद्रा

इस मुद्रा से बेतरतीब तरीके से बोलना समाप्त होता है। शरीर के सभी पांचों तत्वों के बीच संतुलन स्थापित होता है। व्यक्ति स्पष्टवक्ता बनता है। उसमें सही-गलत में भेद करने की दृष्टि विकसित होती है। मुद्रा बनाने के लिए बाएं हाथ के अंगूठे को दाएं हाथ की मुट्ठी में बंद कर लें। फिर दाएं हाथ के अंगूठे के ऊपरी हिस्से को बाएं हाथ के मध्यमा के शीर्ष से मिलाएं। प्रतिदिन शंख मुद्रा 45 मिनट तक करने से लाभ होगा।

Pankaj mudra

पंकज मुद्रा

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यह मुद्रा हमारे मन-मस्तिष्क को शुद्ध तथा मजबूत करती है। सही या गलत किसी भी चीज के प्रति हमारे जुड़ाव को समाप्त करती है। इससे मन की चंचलता समाप्त होती है। इस मुद्रा के लिए अपनी हथेलियों से चित्र के अनुसार कमल जैसी आकृति बनाएं। कनिष्ठा और अंगूठे सटे रहेंगे, लेकिन अन्य उंगलियां सीधी और एक-दूसरे से थोड़ी अलग हों। इसे 15 से 45 मिनट तक करें।

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