3 साल तक इस अजीबो-गरीब बीमारी का शिकार थीं सान्या मल्होत्रा! अपनी काबिलियत पर शक तो आपको भी ये बीमारी

Sanya Malhotra Suffers Imposter syndrome in hindi :'दंगल', 'बधाई हो', 'पगलैट' जैसी फिल्मों में वाह-वाही बटोर चुकी सान्या मलहोत्रा तीन साल तक रही थीं इस बीमारी का शिकार।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 7, 2022 1:54 PM IST

What is Imposter Syndrome in hindi : 'दंगल', 'बधाई हो', 'पगलैट' जैसी फिल्मों में वाह-वाही बटोर चुकी सान्या मलहोत्रा (Sanya malhotra suffers from Imposter Syndrome) के बारे में तो आप जानते ही होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि सान्या किस बीमार का शिकार हो चुकी हैं। जी हां, भले ही आपको उनके बर्ताव में कोई अंतर न दिखाई देता हो लेकिन खुद सान्या ने इस बात को जगजाहिर किया था कि उन्हें किसी भी चीज का श्रेय लेने में दिक्कत महसूस होती थी। सान्या ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बॉलीवुड में करीब साढ़े 5 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है, जिसमें से करीब 3 साल उन्हें इंपोस्टर सिंड्रोम (Imposter Syndrome) के साथ गुजारने पड़े थे। सान्या ने कहा कि उनका मानना कि जो उन्हें मौके मिल रहे हैं वे उन्हें डिजर्व नहीं करती हैं और उनका काम अच्छा नहीं है इसलिए उन्हें खुद पर गुस्सा आता था। हालांकि पगलैट से कुछ महीने पहले उन्होंने अपने आप को सकरात्मक रूप में लेना शुरू किया।

सिर्फ सान्या ही नहीं बल्कि ऐसे बहुत से लोग हैं, जो इस सिंड्रोम का शिकार हैं लेकिन उन्हें इस बात की भनक तक नहीं होती। इसलिए ये जानना जरूरी है कि क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण (Imposter Syndrome Symptoms)। आइए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण और उपचार के तरीके।

क्या है इंपोस्टर सिंड्रोम (What is Imposter Syndrome)

अगर आपको अपने ही कौशल या उपलब्धियों पर संदेह होता है, ठीक उसके बावजूद कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं उसे ही इंपोस्टर सिंड्रोम कहते हैं। दरअसल ये कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या नहीं है। आप इसे यूं समझ सकते हैं कि इस स्थितित में कोई व्यक्ति खुद को नकाबिल समझता है भले ही दूसरे लोग आपको काबिल क्यों न समझते हों। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को ये डर सताता है कि लोग उसे कहीं झूठा न समझ लें।

इंपोस्टर सिंड्रोम के संकेत और लक्षण (Signs and Symptoms of Imposter Syndrome)

1-ये मानना कि आप अपने कौशन को लेकर दूसरों को बेवकूफ बना रहे हैं जबकि आप वास्तव में कौशल से संपन्न होते हैं।

2-अपनी सफलता के पीछे अपनी किस्मत, लुक्स, नेटवर्क को बताना जबकि दूसरे इसे आपकी काबिलियत समझते हों।

3-इस तरह पहचानें क्या है इम्पोस्टर साइकिल।" दरअसल यह तब शुरू होता है जब आप किसी काम को तगड़ी प्लानिंग के बाद या तो बहुत ज्यादा तैयारी और विलंब के साथ शुरू करते हैं। जब आप उस काम को सफलतापूर्वक पूरा करते हैं तो आपको बहुत खुशी और राहत महसूस होती है। यह चक्र तब खत्म होता है जब कोई नया काम आता है और आपको फिर से चिंता और संदेह होना शुरू हो जाता है।

इंपोस्टर सिंड्रोम से निपटने के तरीके (Tips for Overcoming Imposter Syndrome)

इंपोस्टर सिंड्रोम से निपटने के लिए आपको अपनी उपलब्धियों को स्वीकार करना सीखना होगा और यह पहचानना होगा कि आप उनके योग्य हैं तभी आपको ये उपलब्धियां मिली हैं। आइए जानते हैं इस समस्या से निपटने के कुछ आसान टिप्सः

1-रिमाइंडर बनाएं

एक ऐसी सूची बनाएं, जिन उपलब्धियों पर आपको नाज हो। आपके अपने काम की प्रशंसा के लिए प्राप्त ईमेल और दूसरी चीजों को संभालकर रखना होगा। जब आप कुछ इस तरह की भावना महसूस करें तो इन्हीं सहेजी गई चीजों पर नजर दौड़ाएं।

2-भावनाओं को वास्तविकता से दूर रखें

अगर आपको अपने बारे में कुछ नेगेटिव फिलिंग्स आ रही है तो खुद को उसके लिए मानसिक रूप से तैयार करें। उन्हें पहचानें और उनका जवाब देने के लिए तैयार रहें। इस बात का ख्याल रखें कि ये सिर्फ और सिर्फ आपकी भावनाएं हैं। अपने आप को याद दिलाएं कि आप सफलता के लिए सक्षम हैं।

3-तुलना करना छोड़ दें

दूसरों की उपलब्धियों से खुद को छोटा न समझें। जैसे अगर आप सोशल मीडिया पर किसी दूसरे की हाइलाइट रील देखते हैं तो लगता है कि उसकी लाइफ कितनी अच्छी है जबकि वास्तविकता उससे कोसों दूर होती है। ऐसा करने के बजाय आप खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करें।

4-सिंड्रोम को समझें

ध्यान रखें कि झूठ समझना इंपोस्टर सिंड्रोम नहीं है। अगर आपको इंपोस्टर सिंड्रोम है तो इसका ये मतलब नहीं है कि आप दूसरों को धोखा दे रहे हैं।

5-किसी से बात करें

आपके दोस्त और परिवार के लोग आपकी भावनाओं को समझने में मदद कर सकते हैं और आपको याद दिला सकते हैं कि आपका डर वास्तविक नहीं हैं। या फिर आप एक ऐसे डॉक्टर से मिलें, जो इस सिंड्रोम को दूर करने के लिए रणनीति बनाने में आपकी मदद कर सकता है।

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