सुशांत की आखिरी फिल्म में हीरोइन को था थाइराइड कैंसर, जानिए इसके लक्षण और उपचार

दिल बेचारा फिल्म आप सभी को बेहद पसंद आ रही होगी। यह फिल्म बॉलीवुड के अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म थी। सुशांत की आखिरी झलक इस फिल्म में देखने को मिली। फिल्म में सुशांत के साथ संजना सांघी है, जो फिल्म में किजी की भूमिका निभा रही हैं। इसमें किजी को थायराइड कैंसर है। आइए आज इस कैंसर के लक्षण और उपचार के बारे में जानते हैं

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 29, 2020 1:17 PM IST

Thyroid Cancer Sign : दुनिया को अलविदा कह चुके बॉलीवुड के अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' 24 जुलाई को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर रिलीज हो चुकी है। सुशांत की इस फिल्म को दर्शक काफी पसंद भी कर रहे हैं। इस फिल्म में सुशांत के साथ संजना सांघी हैं, जिसका फिल्म में नाम किजी है। इस फिल्म में संजना को थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer Sign) है। आज हम आपको इसी कैंसर के बारे में बताने जा रहे हैं कि आखिर यह कैंसर क्या है, इसके लक्षण और उपचार (Thyroid Cancer Sign and Treatment) क्या हैं?

क्या है थायराइड कैंसर?

कैंसर यानी शरीर में कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ना। शरीर के जिस हिस्से में कोशिका बढ़ती है, उसे उसी कैंसर के नाम से जाना जाता है। उदाहरण के रूप में मुंह की कोशिकाएं बढ़ने से मुंह का कैंसर होता है। वहीं, जब थायराइड ग्रंथि की कोशिकाएं असमान्य रूप से बढ़ती हैं, तो उसे थायराइड कैंसर कहा जाता है। अगर इस कैंसर का समय से उपचार नहीं कराया गया, तो यह गंभीर रूप धारण कर लेता है। थायराइड कैंसर से शरीर का पूरा हार्मोन असंतुलित हो जाता है। महिलाओं को पुरुषों की तुलना में थायराइड कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।

थायराइड कैंसर के लक्षण (Thyroid Cancer Sign)

ठंड न होते हुए भी खांसी की समस्या होना

खाना निगलने में परेशानी

कर्कश आवाज

गर्दन में गांठ पड़ना

गर्दन में सूजन होना

गला बैठना या फिर आवाज में परिवर्तन

कुछ अन्य लक्षण (Thyroid Cancer Other Sign)

थायराइड कैंसर

बालों और स्किन का ड्राई होना

आंखों से संबंधी समस्याएं होना

बोलने और सोचने की क्षमता पर असर होना।

वजन घटना या फिर बढ़ना

याददाश्त क्षमता कमजोर होना

थायराइड कैंसर का इलाज (Causes of Thyroid Cancer)

इस कैंसर के लिए सबसे जरूरी है कि इसके लक्षणों की पहचान जल्द से जल्द कर लेना। अगर इस बीमारी का देर से पता चलता है, तो इलाज करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। अगर समय से इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो व्यक्ति जल्द ही ठीक हो सकता हैं।

कई बार अधिक कठिनाई होने पर थायराइड ग्रंथि को निकाल दिया जाता है। इस स्थिति में आर्टिफिशियल थायराइड ग्रंथि का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा थायराइड कैंसर का इलाज रेडियोधर्मी आयोडीन की मदद से भी की जाती है। मरीज को दोबारा यह कैंसर ना हो, इसके लिए उन्हें खुद पर पूरा ध्यान देना होता है।

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