... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : February 11, 2023 2:28 PM IST
बोर्ड एक्जाम से पहले बच्चों को नहीं लगेगी सर्दी अगर फॉलो करेंगे ये टिप्स! जानें सर्दी के लक्षण और बचाव के उपाय
सर्दी के दिनों में ठंडी हवा के साथ-साथ बढ़ता प्रदूषण अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है वहीं दक्षिण भारत में ठंड़ी राकें और गर्म दिन किसी की भी सेहत को बिगाड़ सकते हैं। तापमान में ये बदलाव आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है और आपको बीमार बना सकता है। इन कुछ परेशानियों में बार-बार सर्दी, खांसी या फिर सीने में जकड़न हो सकती है, जिसकी वजह से श्वसन तंत्र प्रभावित होता है। ये छोटे बच्चों और स्कूल जाने वाले बच्चों में आम होता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।
इसके लक्षणों में शामिल हैं बंद नाक, नाक बहना, खांसी (बलगम के साथ, बिना बलगम वाली खांसी), गले में खराश, आवाज में कर्कश, घरघराहट, सांस लेते वक्त खर्र-खर्क की आवाज आना, सीने में जकड़न और कभी-कभार साइनस से सिरदर्द। इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने का आसान मंत्र है खुद को गर्म रखना और शरीर को गर्म रखने वाली दवा लेना। अगर आपको मामूली सी सर्दी हुई है या फिर सांस से जुड़ी परेशानी हुई है तो घर पर उसे आसानी से ठीक किया जा सकता है लेकिन अगर लक्षण बिगड़ते हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।
सर्दी के दिनों में सांस संबंधी परेशानियोंके लिए बहुत से सबसे प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं क्योंकि परेशानियों से बचने के लिए इनकी रोकथाम हमेशा से बेहतर मानी जाती हैं। आइए जानते हैं सर्दी के दिनों में हेल्दी रहने के लिए कौन-कौन से एहतियाती उपाय किए जा सकते हैंः
1-सर्दी के दिनों में गर्म रहने के लिए आप खूब सारे गर्म कपड़े पहनें।
2-सर्दी के दिनो में विशेष रूप से रात या फिर यात्रा के दौरान अपने कान को ढककर रखें।
3-सर्दी के दिनों में ठंडा पानी या फिर फ्रिज में रखी चीजों का सेवन बिल्कुल भी न करें।
4-ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी पिएं और हो सके तो उसमें कुछ जड़ी-बूटियां डालें।
5-प्रदूषण और धुंध से बचने के लिए मास्क जरूर पहनें।
6-ठंड पानी में नहाने से बचें और रात के वक्त गीले बालों के साथ न सोएं।
7-बच्चों को साफ-सफाई के नियमों के बारे में सिखाएं ताकि वह स्कूल में बीमार बच्चों के संपर्क में आने से संक्रमित न हों।